You are currently viewing अमेरिका में भारतीय मूल के दो मुस्लिमों की ऐतिहासिक जीत: नई सियासी पहचान की शुरुआत

अमेरिका में भारतीय मूल के दो मुस्लिमों की ऐतिहासिक जीत: नई सियासी पहचान की शुरुआत

अमेरिका की राजनीति में भारतीय मूल के नागरिक लगातार नई ऊँचाइयों को छू रहे हैं। हाल ही में दो भारतीय मूल के मुस्लिमों — गुजराती मूल के जोहरान ममदानी और हैदराबाद मूल की गजाला हाशमी — ने अपने-अपने राज्यों में ऐतिहासिक जीत हासिल कर एक नया अध्याय लिखा है। यह जीत न केवल भारतीय-अमेरिकी समुदाय के राजनीतिक प्रभाव को दर्शाती है, बल्कि यह भी बताती है कि विविधता और समावेशिता के मूल्यों पर अमेरिका की लोकतांत्रिक व्यवस्था और मजबूत हो रही है।

जोहरान ममदानी: न्यूयॉर्क के सबसे युवा मेयर

34 वर्षीय जोहरान ममदानी ने न्यूयॉर्क सिटी के मेयर चुनाव में शानदार जीत दर्ज कर इतिहास रच दिया है। गुजराती मूल के ममदानी अमेरिका में जन्मे हैं, लेकिन उनके परिवार की जड़ें भारत के अहमदाबाद से जुड़ी हैं। सामाजिक न्याय, समानता और शिक्षा सुधार जैसे मुद्दों पर काम करने वाले ममदानी ने युवाओं और प्रवासी समुदायों के बीच एक नई उम्मीद जगाई है।

उनकी जीत सिर्फ एक राजनीतिक उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह संकेत भी है कि भारतीय-अमेरिकी मुस्लिम समुदाय अब अमेरिकी राजनीति के मुख्यधारा का अहम हिस्सा बन चुका है। ममदानी की प्रगतिशील सोच और स्थानीय जनता से सीधा जुड़ाव उन्हें अन्य उम्मीदवारों से अलग बनाता है। वे जलवायु परिवर्तन, सस्ती आवास नीति और अल्पसंख्यक अधिकारों पर भी विशेष रूप से काम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

गजाला हाशमी: वर्जीनिया की पहली मुस्लिम लेफ्टिनेंट गवर्नर

हैदराबाद में जन्मी और बाद में अमेरिका में बस गईं गजाला हाशमी ने वर्जीनिया के लेफ्टिनेंट गवर्नर पद पर जीत हासिल कर एक और ऐतिहासिक मील का पत्थर स्थापित किया है। वह राज्य के इतिहास में इस पद पर पहुंचने वाली पहली मुस्लिम महिला बनी हैं। शिक्षा के क्षेत्र में लंबे समय तक काम करने वाली हाशमी ने सामाजिक सुधार, महिला सशक्तिकरण और समावेशिता को अपने अभियान का मुख्य आधार बनाया।

उनकी जीत ने न केवल भारतीय-अमेरिकी समुदाय को गौरवान्वित किया है, बल्कि यह भी साबित किया है कि मेहनत, शिक्षा और निष्ठा से कोई भी व्यक्ति अमेरिका की लोकतांत्रिक प्रणाली में शीर्ष तक पहुंच सकता है। हाशमी हमेशा से शिक्षा को समाज में समानता का सबसे बड़ा साधन मानती रही हैं और उन्होंने अपने कार्यकाल में उच्च शिक्षा की पहुंच को आसान बनाने का वादा किया है।

भारतीय-अमेरिकी राजनीति का नया दौर

बीते 12 वर्षों में अमेरिकी चुनावों में जीत दर्ज करने वाले भारतीय मूल के उम्मीदवारों की संख्या में पांच गुना वृद्धि हुई है। यह आंकड़ा इस बात का प्रमाण है कि भारतीय मूल के नागरिक अब केवल आर्थिक या तकनीकी क्षेत्रों में ही नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से भी मजबूत पहचान बना रहे हैं।

ममदानी और हाशमी की सफलता ने भारतीय-अमेरिकी युवाओं के लिए एक नई प्रेरणा पैदा की है। ये दोनों नेता इस बात का उदाहरण हैं कि विविधता, परिश्रम और जनसेवा की भावना मिलकर किसी भी देश में बदलाव ला सकती है।

नई उम्मीदों की शुरुआत

जोहरान ममदानी और गजाला हाशमी की जीत भारतीय-अमेरिकी समुदाय के लिए गर्व का क्षण है। उनकी उपलब्धियां यह दिखाती हैं कि अब अमेरिका में भारतीय मूल के मुसलमान भी नेतृत्व की मुख्यधारा में शामिल हो रहे हैं। यह केवल दो व्यक्तियों की सफलता नहीं, बल्कि भारतीय-अमेरिकी समाज की सामूहिक उपलब्धि है, जो आने वाले वर्षों में अमेरिका की राजनीति में और भी गहरा प्रभाव डालने को तैयार है।

Spread the love

Leave a Reply