Mamata Banerjee on PM Modi CM Meeting: पश्चिम एशिया में जारी युद्ध की स्थिति, विशेष रूप से ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने वैश्विक बाजार में हलचल पैदा कर दी है। रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के बंद होने से कच्चे तेल और एलपीजी की अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हुई है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए काफी हद तक आयात पर निर्भर है, इसलिए ईंधन की कमी और कीमतों में उछाल की आशंका ने केंद्र सरकार की नींद उड़ा दी है।
प्रधानमंत्री मोदी की मुख्यमंत्रियों के साथ आपात बैठक
ऊर्जा संकट की गंभीरता को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शुक्रवार को सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ एक महत्वपूर्ण वर्चुअल बैठक (Virtual Meeting) करने जा रहे हैं। इस उच्च स्तरीय चर्चा का मुख्य एजेंडा ईरान-अमेरिका संघर्ष के बीच देश में ईंधन और एलपीजी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना है। केंद्र सरकार राज्यों के साथ मिलकर भविष्य की चुनौतियों और आपातकालीन योजनाओं पर रणनीति तैयार करेगी।
ममता बनर्जी का केंद्र पर प्रहार
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस स्थिति पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आशंका जताई है कि ईंधन आपूर्ति में आ रही बाधाओं को ढाल बनाकर केंद्र सरकार देश में फिर से लॉकडाउन (National Lockdown) लागू कर सकती है। ममता ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर भाजपा सरकार लोगों को घरों में बंद करने की कोशिश करती है, तब भी वह आगामी विधानसभा चुनावों में पूरी ताकत से मुकाबला करेंगी।
एलपीजी वितरण में देरी और महंगाई
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बंगाल में एलपीजी सिलेंडर की किल्लत (LPG Cylinder Shortage) और डिलीवरी में होने वाली भारी देरी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि लोगों को बुकिंग के 25 से 35 दिन बाद सिलेंडर मिल रहे हैं। उन्होंने केंद्र की आर्थिक नीतियों पर निशाना साधते हुए कहा कि जो सिलेंडर पहले 400 रुपये का था, वह अब 1,100 रुपये के पार पहुँच गया है। रसोई गैस की कमी के कारण आम जनता को फिर से पुराने पारंपरिक साधनों पर निर्भर होना पड़ रहा है।
चुनावी राज्यों की बैठक से दूरी: संघीय ढांचे पर ममता के तीखे सवाल
प्रधानमंत्री की इस बैठक में एक विशेष पहलू यह है कि चुनाव वाले राज्यों—पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु और केरल—के मुख्यमंत्रियों को आमंत्रित नहीं किया गया है। ममता बनर्जी ने इसे राजनीतिक भेदभाव करार दिया है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या भाजपा चाहती है कि लोग घरों में कैद रहें ताकि वे स्वतंत्र रूप से अपने मताधिकार का प्रयोग न कर सकें।

