Israel Lebanon War: मिडिल ईस्ट में हाल ही में घोषित संघर्ष विराम से जहां दुनिया ने शांति की उम्मीद लगाई थी, वहीं इजरायल के एक कड़े फैसले ने अनिश्चितता बढ़ा दी है। इजरायल ने आधिकारिक तौर पर स्पष्ट कर दिया है कि दो सप्ताह का यह युद्धविराम लेबनान पर लागू नहीं होगा। इस घोषणा के साथ ही इजरायली सेना ने लेबनान के विभिन्न क्षेत्रों में हमले तेज कर दिए हैं, जिससे क्षेत्रीय स्थिरता पर एक बार फिर सवालिया निशान लग गया है।
लेबनान में सैन्य कार्रवाई जारी
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) के जरिए यह साफ कर दिया कि लेबनान में जारी सैन्य अभियान थमेगा नहीं। बयान के अनुसार, इजरायल आगामी 14 दिनों तक भी लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों को निशाना बनाता रहेगा। इजरायल का तर्क है कि वह हिजबुल्लाह के खिलाफ एक सुरक्षित ‘बफर जोन’ बनाने के अपने लक्ष्य को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है और इस प्रक्रिया में किसी भी तरह की बाधा स्वीकार नहीं की जाएगी।
युद्धविराम घोषणा के तुरंत बाद बमबारी
शांति की घोषणा के चंद घंटों के भीतर ही इजरायली लड़ाकू विमानों ने लेबनान के बेका (Beqaa) क्षेत्र में भारी बमबारी की। दुखद बात यह रही कि टायर (Tyre) शहर में एक एम्बुलेंस को भी निशाना बनाया गया, जिससे इजरायल की आक्रामक नीति और भी स्पष्ट हो गई। अंतरराष्ट्रीय समुदाय जहां युद्धविराम का स्वागत कर रहा था, वहीं जमीनी स्तर पर इजरायल के इन हमलों ने स्थिति को और अधिक तनावपूर्ण बना दिया है।
अमेरिकी आश्वासन और रणनीतिक लक्ष्य
प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, अमेरिका ने इजरायल को यह भरोसा दिलाया है कि वह आगामी वार्ताओं में इजरायल और उसके क्षेत्रीय सहयोगियों के साझा हितों की रक्षा करेगा। इजरायल का मुख्य उद्देश्य ईरान समर्थित आतंकवाद और मिसाइल खतरों को खत्म करना है। इजरायल का मानना है कि लेबनान मोर्चा उसके अस्तित्व के लिए खतरा है, इसलिए वह हिजबुल्लाह को निशस्त्र करने की अपनी शर्त से पीछे हटने को तैयार नहीं है।
शांति वार्ताओं में विरोधाभास
जहां इजरायली मीडिया ‘Ynet News’ ने सुरक्षा अधिकारियों के हवाले से लेबनान को शांति वार्ता का हिस्सा बताया था, वहीं पीएमओ के बयान ने भारी भ्रम पैदा कर दिया है। इधर, मध्यस्थता कर रहे ईरान और पाकिस्तान ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी शांति समझौते में लेबनान को शामिल करना अनिवार्य है। ईरान ने चेतावनी दी है कि वह ऐसी किसी भी अस्थायी शांति को स्वीकार नहीं करेगा जिसमें लेबनान मोर्चा शामिल न हो।
क्षेत्रीय स्थिरता और परमाणु खतरा
इजरायल ने अमेरिका के उन प्रयासों का समर्थन किया है जो ईरान को परमाणु और मिसाइल खतरे से रोकने के लिए किए जा रहे हैं। इजरायल ने संकेत दिया है कि वह राष्ट्रपति ट्रंप के ईरान पर हमले निलंबित करने के फैसले के साथ है, लेकिन इसके लिए कुछ शर्तें भी रखी हैं। इजरायल चाहता है कि ईरान तुरंत सभी महत्वपूर्ण जलडमरूमध्य (Straits) खोल दे और क्षेत्र के देशों पर हमले पूरी तरह बंद करे। इन शर्तों के बीच, मिडिल ईस्ट में स्थायी शांति अभी भी एक दूर का सपना नजर आती है।

