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LPG Crisis पर कांग्रेस का हल्ला बोल! दिल्ली में केंद्र के खिलाफ सड़कों पर उतरे कार्यकर्ता

LPG Crisis: राष्ट्रीय राजधानी में शुक्रवार को राजनीतिक पारा उस वक्त चढ़ गया जब कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रसोई गैस (LPG) की कथित भारी किल्लत के विरोध में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) मुख्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने इस संकट के लिए केंद्र सरकार को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराते हुए पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी के इस्तीफे की मांग की।

पूंजीपतियों के पक्ष और गैस आपूर्ति में विफलता का आरोप

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार आम जनता को पर्याप्त रसोई ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित कराने में पूरी तरह विफल रही है। कांग्रेस नेताओं का दावा है कि सरकार स्थिति की गंभीरता को स्वीकार करने के बजाय जनता को गुमराह कर रही है। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार विरोधी नारे लगाए और चेतावनी दी कि यदि जल्द ही सिलेंडरों की किल्लत दूर नहीं हुई, तो आंदोलन को देशव्यापी स्तर पर ले जाया जाएगा।

विरोध का अनोखा तरीका

प्रदर्शन के दौरान एक प्रतीकात्मक दृश्य तब देखने को मिला जब कार्यकर्ताओं ने सड़क पर ही पारंपरिक मिट्टी का अस्थायी चूल्हा तैयार किया। खाना पकाने के पारंपरिक साधनों का उपयोग करते हुए कार्यकर्ताओं ने वहां चाय बनाई, जिससे यह संदेश देने की कोशिश की गई कि गैस न मिलने के कारण देश फिर से पुराने युग में लौटने को मजबूर है। यह प्रदर्शन उन करोड़ों गृहिणियों की परेशानियों को उजागर करने के लिए था, जो सिलेंडर न होने के कारण धुएं में खाना बनाने को मजबूर हैं।

कुप्रबंधन और गलत सरकारी नीतियों पर तीखा प्रहार

मीडिया से बात करते हुए कांग्रेस नेताओं ने कहा कि वर्तमान गैस संकट केंद्र की दोषपूर्ण आर्थिक नीतियों का नतीजा है। उन्होंने आरोप लगाया कि आज हर घर की रसोई से सिलेंडर गायब है। नेताओं ने स्थिति की तुलना ‘नोटबंदी’ और ‘कोविड के दौरान ऑक्सीजन संकट’ से करते हुए कहा कि आज एक बार फिर देश की जनता ईंधन रिफिल के लिए लंबी कतारों में खड़ी है, जहाँ बदइंतजामी के कारण लोग बेहोश तक हो रहे हैं।

दिल्ली हाई कोर्ट की कैंटीन बंद होने का दावा

कांग्रेस ने इस संकट की गंभीरता को रेखांकित करते हुए दावा किया कि रसोई गैस की कमी का असर अब सार्वजनिक संस्थानों पर भी दिखने लगा है। विरोध प्रदर्शन के दौरान कहा गया कि गैस की अनुपलब्धता के कारण दिल्ली हाई कोर्ट जैसी महत्वपूर्ण जगह की कैंटीन तक बंद करनी पड़ी है। विपक्षी दल ने सरकार पर तंज कसते हुए पूछा कि जब जमीनी हकीकत इतनी भयावह है, तो संसद में पर्याप्त स्टॉक होने के झूठे दावे क्यों किए जा रहे हैं?

बढ़ती कीमतों और महंगाई पर सांसदों ने दागे सवाल

विरोध प्रदर्शन में शामिल कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद और मनोज कुमार ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि यदि LPG की सप्लाई में कोई बाधा नहीं है, तो कीमतों में लगातार बढ़ोतरी क्यों की जा रही है? सांसदों ने कहा कि सरकार महंगाई का बोझ जनता पर डालकर अपनी नाकामियां छिपा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पेट्रोलियम पदार्थों के दाम में वृद्धि के लिए पूरी तरह सरकार जिम्मेदार है और जनता अब इनके बहकावे में नहीं आने वाली।

पुलिसिया कार्रवाई और कार्यकर्ताओं की हिरासत

जैसे-जैसे प्रदर्शन उग्र हुआ और भीड़ बढ़ने लगी, मौके पर मौजूद दिल्ली पुलिस ने हस्तक्षेप किया। सुरक्षा के लिहाज से पुलिस ने कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग कर दी। हालांकि, हिरासत में लिए जाने के बावजूद कार्यकर्ता सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे।

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