UP News: उत्तर प्रदेश में बोतलबंद पानी की गुणवत्ता को लेकर सामने आई गंभीर अनियमितताओं के बाद खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग (एफएसडीए) ने कड़ा रुख अपनाया है। विभाग ने प्रदेश की 39 मिनरल वाटर और पैक्ड ड्रिंकिंग वाटर कंपनियों के उत्पादों की बिक्री और सप्लाई पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। यह कार्रवाई उन शिकायतों और जांच रिपोर्टों के आधार पर की गई है, जिनमें इन कंपनियों द्वारा आपूर्ति किया जा रहा पानी पीने योग्य मानकों पर खरा नहीं उतरा।
पानी की गुणवत्ता जांच में फेल

एफएसडीए अधिकारियों के अनुसार, हाल के महीनों में बोतलबंद पानी की गुणवत्ता को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। आम उपभोक्ताओं, अस्पतालों, होटलों और सार्वजनिक स्थानों से सप्लाई किए जा रहे पानी के सैंपल जांच के लिए एकत्र किए गए। प्रयोगशाला परीक्षण में कई नमूनों में निर्धारित मानकों से अधिक अशुद्धियां पाई गईं, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि संबंधित कंपनियां नियमों का पालन नहीं कर रही थीं।
जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद एफएसडीए आयुक्त ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके तहत 39 कंपनियों के मिनरल वाटर और पैक्ड ड्रिंकिंग वाटर की बिक्री, वितरण और सप्लाई पर रोक लगा दी गई। साथ ही इन कंपनियों को 48 घंटे के भीतर अपने मौजूदा स्टॉक का पूरा विवरण विभाग को उपलब्ध कराने के आदेश दिए गए हैं। निर्देशों का पालन न करने की स्थिति में लाइसेंस रद्द करने और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
एफएसडीए ने 48 घंटे में स्टॉक रिपोर्ट तलब की
विभाग का कहना है कि स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल आम जनता का अधिकार है और इससे किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। खास तौर पर गर्मी के मौसम में बोतलबंद पानी की मांग बढ़ जाती है, ऐसे में घटिया गुणवत्ता का पानी लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। दूषित पानी के सेवन से पेट से जुड़ी बीमारियों, संक्रमण और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है।
एफएसडीए अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई केवल शुरुआत है। आने वाले दिनों में प्रदेशभर में और भी व्यापक स्तर पर जांच अभियान चलाया जाएगा। जिन कंपनियों के उत्पाद गुणवत्ता मानकों पर खरे उतरेंगे, उन्हें ही बाजार में बने रहने की अनुमति दी जाएगी। वहीं, नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कदम उठाए जाएंगे।
कार्रवाई के बाद बोतलबंद पानी उद्योग में हड़कंप
इस कार्रवाई के बाद बोतलबंद पानी उद्योग में हड़कंप मच गया है। उपभोक्ताओं से भी अपील की गई है कि वे केवल प्रमाणित और विश्वसनीय ब्रांड का ही पानी खरीदें तथा किसी भी तरह की शिकायत होने पर एफएसडीए को तुरंत सूचित करें। विभाग का उद्देश्य साफ है—प्रदेशवासियों को सुरक्षित, शुद्ध और मानक के अनुरूप पेयजल उपलब्ध कराना।

