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मार्च में ही तपेगा देश

Weather Update: मार्च में ही तपेगा देश! कई राज्यों में गर्मी, पहाड़ों पर बर्फबारी की चेतावनी

Weather Update: मार्च का महीना अभी आधा भी नहीं बीता है, लेकिन मौसम के बदलते तेवर लोगों को हैरान कर रहे हैं। सुबह की हल्की ठंड अब धीरे-धीरे खत्म होती दिख रही है, जबकि दिन में सूरज की तेज धूप लोगों को पसीना छुड़ाने लगी है। देश के कई हिस्सों में गर्मी ने तय समय से पहले दस्तक दे दी है, जिससे लोगों की दिनचर्या पर असर पड़ने लगा है। इस बीच मौसम का मिजाज और भी उलझन भरा हो गया है—कहीं तेज गर्मी और लू की चेतावनी है, तो कहीं बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। मौसम का यह विरोधाभासी रूप आम लोगों के साथ-साथ किसानों और यात्रियों के लिए भी चिंता का विषय बन गया है।

राजस्थान-गुजरात में बढ़ती गर्मी और ‘लू’ का खतरा

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में तापमान सामान्य से काफी ऊपर पहुंच चुका है। गुजरात और मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में भी पारा तेजी से बढ़ रहा है। अनुमान है कि 11 मार्च तक इन इलाकों में तापमान सामान्य से 4 से 6 डिग्री सेल्सियस अधिक रह सकता है।

खासतौर पर राजस्थान, विदर्भ और गुजरात में लू चलने की चेतावनी जारी की गई है। तेज धूप और गर्म हवाएं लोगों के लिए परेशानी का कारण बन सकती हैं। यही नहीं, दिन के साथ-साथ रात का तापमान भी बढ़ने लगा है, जिससे रातें भी पहले जैसी ठंडी और आरामदायक नहीं रह गई हैं। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में तापमान में 3 से 4 डिग्री की और बढ़ोतरी हो सकती है।

पहाड़ों पर बर्फबारी, मैदानों में बारिश और ओलावृष्टि

देश के कुछ हिस्सों में जहां गर्मी बढ़ रही है, वहीं कई क्षेत्रों में मौसम का दूसरा रूप देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो चुका है, जिसका असर 15 मार्च तक पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में दिखाई देगा। इसके चलते जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी की संभावना है। मैदानी क्षेत्रों में भी इसका असर देखने को मिल सकता है।

बिहार और झारखंड में 10 और 11 मार्च के दौरान गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश में भी 15 मार्च तक रुक-रुक कर बारिश हो सकती है। दक्षिण भारत के केरल और माहे में भी बिजली की कड़क के साथ हल्की बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की भी चेतावनी दी है।

दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश में बढ़ती गर्मी

राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में फिलहाल बारिश की कोई बड़ी संभावना नहीं है। यहां गर्मी ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। 10 मार्च को दिल्ली का अधिकतम तापमान करीब 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है। हालांकि आसमान में हल्के बादल रह सकते हैं, लेकिन उनसे बारिश की उम्मीद कम है। मौसम विभाग के अनुसार अगले चार दिनों में तापमान में 2 से 3 डिग्री तक और बढ़ोतरी हो सकती है।

उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भी इसी तरह की स्थिति बनी हुई है। यहां फिलहाल बारिश का कोई बड़ा अलर्ट नहीं है और रात का तापमान सामान्य स्तर पर बना हुआ है। दिल्ली, लखनऊ और पटना जैसे शहरों में न्यूनतम तापमान 19 से 23 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा रहा है।

मौसम का असर खेती और सेहत पर

मौसम के इस बदलते और विरोधाभासी रूप का असर आम जीवन के कई पहलुओं पर पड़ सकता है। मार्च में अचानक बढ़ती गर्मी रबी की फसलों, खासकर गेहूं की पैदावार के लिए नुकसानदेह साबित हो सकती है, क्योंकि पकने के समय अधिक गर्मी दानों को सुखा देती है। वहीं जिन क्षेत्रों में तेज हवाओं और ओलावृष्टि की चेतावनी है, वहां खड़ी फसलों को गिरने और नुकसान का खतरा बना हुआ है। स्वास्थ्य के लिहाज से भी यह समय चुनौतीपूर्ण माना जाता है।

दिन में गर्मी और अचानक बारिश या ठंडक शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को प्रभावित कर सकती है। डॉक्टरों का कहना है कि इस मौसम में पर्याप्त पानी पीना, धूप से बचाव करना और खान-पान का ध्यान रखना जरूरी है। मौसम विभाग के अनुसार 15 मार्च तक मौसम का यह मिश्रित रूप जारी रह सकता है, इसलिए सतर्क रहना ही सबसे बेहतर उपाय है।

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