Meerut: उत्तर प्रदेश के मेरठ में बुधवार की सुबह एक हृदयविदारक घटना सामने आई, जिसने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। सुबह लगभग 7:00 बजे, जब बच्चे सुनहरे भविष्य के सपने लिए स्कूल जा रहे थे, तभी काल रूपी सड़क हादसे ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। सेंट मैरी एकेडमी की यह बस काली नदी के समीप अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई। इस दर्दनाक हादसे के वक्त बस में करीब 35 मासूम बच्चे सवार थे, जिनमें से 10 से ज्यादा बच्चे गंभीर रूप से चोटिल हो गए हैं।
काली नदी के पास भीषण सड़क दुर्घटना
जैसे ही बस सड़क से नीचे उतरी और पलटी, मौके पर कोहराम मच गया। चीखते-चिल्लाते बच्चों की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण और राहगीर तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़े। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नजारा बेहद डरावना था; बस के अंदर मासूम बच्चे सीटों के बीच बुरी तरह फंसे हुए थे। ग्रामीणों ने बहादुरी का परिचय देते हुए तुरंत बस के शीशे तोड़े और कटर व अन्य औजारों की मदद से बच्चों को बाहर निकालना शुरू किया। सड़क पर बच्चों की किताबें, स्कूल बैग और जूते बिखरे पड़े थे, जो हादसे की भयावहता की गवाही दे रहे थे।
एसडीएस ग्लोबल अस्पताल में घायलों का उपचार
हादसे के तुरंत बाद, बचाव कार्य में जुटे लोगों ने बिना समय गंवाए घायल बच्चों को बाइक और एंबुलेंस के जरिए नजदीकी एसडीएस ग्लोबल अस्पताल (SDS Global Hospital) पहुंचाया। अस्पताल प्रशासन ने भी मुस्तैदी दिखाते हुए तुरंत इलाज शुरू किया। डॉक्टरों के मुताबिक, कुछ बच्चों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है, जबकि कुछ बच्चों को गहरी चोटें आने के कारण भर्ती किया गया है। अस्पताल के गलियारों में बच्चों के रोने की आवाजें और उनके चेहरे पर खौफ साफ देखा जा सकता था, जिन्हें वहां मौजूद स्टाफ और नागरिकों ने ढांढस बंधाया।
स्कूल प्रशासन की लापरवाही पर फूटा गुस्सा
जैसे ही हादसे की खबर अभिभावकों तक पहुंची, उनमें हड़कंप मच गया। बदहवास माता-पिता अस्पताल और स्कूल की ओर भागे। सेंट मैरी एकेडमी के स्कूल प्रबंधन के प्रति अभिभावकों का गुस्सा सातवें आसमान पर था। आक्रोशित परिजनों ने स्कूल पहुंचकर प्रिंसिपल कार्यालय का घेराव किया और जमकर नारेबाजी की। उनका सीधा आरोप है कि बस की खराब फिटनेस या चालक की लापरवाही के कारण उनके बच्चों की जान जोखिम में डाली गई। स्कूल प्रशासन फिलहाल सुरक्षा मानकों पर सवालों के घेरे में है।
फरार बस चालक की तलाश में जुटी पुलिस
कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल मौके पर तैनात है। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि दुर्घटना के तुरंत बाद चालक मौके का फायदा उठाकर फरार हो गया। मेरठ पुलिस ने आरोपी ड्राइवर की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित की हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हादसे के असली कारणों का पता लगाने के लिए फॉरेंसिक और तकनीकी विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है। जांच इस बात पर केंद्रित है कि क्या बस में कोई तकनीकी खराबी थी, सड़क की हालत खराब थी या चालक तेज गति से बस चला रहा था। प्रशासन ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

