Bihar Politics: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बुधवार को जमुई पहुंचे, जहाँ उन्होंने विकास की नई इबारत लिखते हुए 602 करोड़ रुपये की लागत वाली 102 विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस दौरान एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम ने अपनी सरकार की दो दशकों की उपलब्धियों का ब्योरा पेश किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के कार्यों की सराहना की और भविष्य के रोडमैप पर चर्चा करते हुए बिहार के विकास को नई गति देने का संकल्प दोहराया।
पिछली सरकार की कानून व्यवस्था पर प्रहार
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने संबोधन में साल 2005 से अब तक के शासनकाल की तुलना पूर्ववर्ती राष्ट्रीय जनता दल (RJD) सरकार से की। उन्होंने बिना नाम लिए लालू-राबड़ी शासनकाल पर निशाना साधते हुए कहा, “24 नवंबर 2005 से पहले प्रदेश का बुरा हाल था। उस दौर में लोग शाम ढलते ही घरों में कैद हो जाते थे और बाहर निकलने से डरते थे।” नीतीश ने दावा किया कि एनडीए की सरकार बनने के बाद बिहार में ‘कानून का राज’ (Rule of Law) स्थापित हुआ है और आज लोग भयमुक्त होकर रात में भी बाहर निकल सकते हैं।
नीतीश का बड़ा सियासी संकेत
जमुई के इस मंच से नीतीश कुमार ने एक बड़ा राजनीतिक संदेश भी दिया। उन्होंने मंच पर मौजूद एनडीए नेताओं की ओर इशारा करते हुए जनता से उनका समर्थन करने की अपील की। संबोधन के बीच में नीतीश कुमार अचानक उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के पास गए और उनके कंधे पर हाथ रखकर जनता से उनका साथ देने की बात कही। राजनीतिक गलियारों में इसे आगामी चुनावों के मद्देनजर एनडीए के भीतर एकजुटता और मजबूती के एक बड़े सियासी संकेत (Political Signal) के रूप में देखा जा रहा है।
कब्रिस्तान से मंदिर तक का जिक्र
सीएम ने अपनी सरकार को सभी वर्गों की हितैषी बताते हुए कहा कि बिहार में अब शांति और भाईचारे (Peace and Harmony) का माहौल है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने मुस्लिम समुदाय के लिए ठोस काम नहीं किए, जबकि उनकी सरकार ने कब्रिस्तानों की चहारदीवारी बनवाई। साथ ही, उन्होंने हिंदू मंदिरों की घेराबंदी का भी जिक्र किया ताकि चोरी जैसी घटनाओं पर लगाम लग सके। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार ने पहले अल्पसंख्यकों के लिए काम किया और फिर बहुसंख्यक समाज की जरूरतों को भी उतनी ही प्राथमिकता से पूरा किया।
शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार
विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि 2005 के पहले शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई थी। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार ने बड़ी संख्या में स्कूलों का निर्माण कराया और नियोजित शिक्षकों की बहाली की।” बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए चलाई गई साइकिल और पोशाक योजना की सफलता को उन्होंने अपनी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने सड़कों की बदहाली और बिजली की किल्लत को दूर करने का श्रेय भी अपनी नीतियों को दिया और वादा किया कि अगले पांच वर्षों में विकास की रफ्तार को और तेज किया जाएगा।

