Nitish Kumar: बिहार की सत्ता के गलियारों में मची हलचल के बीच एक महत्वपूर्ण सुरक्षा प्रोटोकॉल जारी किया गया है। मुख्यमंत्री पद से संभावित विदाई और राज्यसभा की ओर बढ़ते कदमों के बीच नीतीश कुमार की सुरक्षा को लेकर सरकार ने अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। गृह विभाग द्वारा जारी ताजा निर्देशों के अनुसार, भविष्य में भी उनकी सुरक्षा व्यवस्था में कोई कटौती नहीं की जाएगी।
बिहार स्पेशल सिक्योरिटी एक्ट (2000) के तहत सुरक्षा कवच का विस्तार
नीतीश कुमार के लिए यह सुरक्षा घेरा Bihar Special Security Act 2000 के प्रावधानों के तहत सुनिश्चित किया गया है। गृह विभाग की विशेष शाखा ने पुलिस महानिदेशक और डीजी (स्पेशल ब्रांच) को लिखित निर्देश जारी किए हैं कि उनकी सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखा जाए। विभाग का तर्क है कि उनके मुख्यमंत्री के रूप में लंबे अनुभव और वर्तमान की जटिल राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए उच्च स्तरीय सुरक्षा देना अनिवार्य है। यह कानून राज्य के अति-महत्वपूर्ण व्यक्तियों (VVIPs) को उनकी संवेदनशीलता के आधार पर विशेष संरक्षण प्रदान करने का अधिकार देता है।
मुख्यमंत्री पद से त्यागपत्र और राज्यसभा की नई जिम्मेदारी
बीते 30 मार्च 2026 को राज्यसभा के लिए निर्विरोध चुने जाने के बाद नीतीश कुमार ने बिहार विधान परिषद की सदस्यता से अपना इस्तीफा सौंप दिया था। वर्तमान घटनाक्रम संकेत दे रहे हैं कि वे जल्द ही बिहार के मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़ सकते हैं और राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए दिल्ली प्रस्थान करेंगे। सरकार ने इसी बदलाव को ध्यान में रखते हुए यह दूरगामी निर्णय लिया है, ताकि पदमुक्त होने के उपरांत भी उनकी सुरक्षा की निरंतरता बनी रहे।
10 अप्रैल को शपथ ग्रहण की संभावना और एजेंसियों की सतर्कता
राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा जोरों पर है कि नीतीश कुमार 10 अप्रैल को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ले सकते हैं। शपथ ग्रहण समारोह से पहले ही सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रहने को कहा गया है। दिल्ली से लेकर पटना तक सुरक्षा तंत्र को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि इस संक्रमण काल के दौरान सुरक्षा प्रोटोकॉल में रत्ती भर भी चूक न हो। उनकी नई भूमिका के मद्देनजर सुरक्षा घेरे के समन्वय को लेकर विशेष तैयारी की जा रही है।
‘Z+’ श्रेणी सुरक्षा की विशेषताएं और एनएसजी (NSG) कमांडो का घेरा
नीतीश कुमार को मिलने वाली Z+ श्रेणी की सुरक्षा भारत में मिलने वाले सर्वोच्च सुरक्षा स्तरों में से एक है। इस विशेष सुरक्षा कवर के तहत लगभग 55 प्रशिक्षित सुरक्षाकर्मी चौबीसों घंटे उनकी रक्षा में तैनात रहेंगे। इसमें 10 से अधिक नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (NSG) कमांडो के साथ-साथ पुलिस और अर्धसैनिक बलों की टुकड़ियां भी शामिल होंगी। इसके अतिरिक्त, उनके काफिले में बुलेटप्रूफ गाड़ियां और अत्याधुनिक हथियारों से लैस एस्कॉर्ट वाहन निरंतर उनके साथ चलेंगे, जो उन्हें किसी भी संभावित खतरे से पूरी तरह सुरक्षित रखेंगे।

