Bengal Election: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव (West Bengal Assembly Elections) के लिए रणभेरी बज चुकी है और इसी कड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज बंगाल की धरती पर चुनावी हुंकार भरी। पीएम मोदी ने एक के बाद एक ताबड़तोड़ तीन जनसभाओं को संबोधित कर राज्य के राजनीतिक तापमान को चरम पर पहुंचा दिया है। हल्दिया से लेकर आसनसोल और बीरभूम तक, प्रधानमंत्री के निशाने पर पूरी तरह से सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी रहीं।
पूर्वी मेदिनीपुर और बीरभूम में पीएम मोदी का ‘शक्ति प्रदर्शन’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने तूफानी दौरे की शुरुआत पूर्वी मेदिनीपुर के हल्दिया से की, जिसके बाद उन्होंने आसनसोल और फिर ममता बनर्जी के सबसे मजबूत गढ़ बीरभूम में हुंकार भरी। बीरभूम में पीएम मोदी का कड़ा रुख देखने को मिला, जहाँ उन्होंने सीधे तौर पर ममता सरकार की नीतियों को चुनौती दी। बीजेपी जहाँ अपने पुराने गढ़ (Strongholds) को बचाने में जुटी है, वहीं टीएमसी के अभेद्य किलों को ढहाने के लिए प्रधानमंत्री और गृह मंत्री अमित शाह ने पूरी ताकत झोंक दी है।
“बंगाल में परिवर्तन की आंधी”: टीएमसी शासन के अंत का उद्घोष
पूर्वी मेदिनीपुर में विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि बंगाल की जनता ने इस बार हर विपरीत परिस्थिति को पराजित करने का मन बना लिया है। उन्होंने वर्तमान राजनीतिक माहौल को परिवर्तन की लहर (Wave of Change) करार देते हुए कहा कि बीजेपी के प्रति जो उत्साह दिख रहा है, वह टीएमसी की निर्मम सरकार के जाने का स्पष्ट एलान है। पीएम ने जोर देकर कहा कि बंगाल का यह चुनाव केवल सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि राज्य के गौरव की पुनर्स्थापना का महासंग्राम है।
नंदीग्राम से भवानीपुर तक ‘सत्ता परिवर्तन’ का फॉर्मूला
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा कि जो कमाल 5 साल पहले नंदीग्राम ने किया था, वही दृश्य अब भवानीपुर और पूरे बंगाल में दिखने वाला है। चुनावी रणभूमि (Battleground of Bengal) में उन्होंने साफ किया कि नंदीग्राम ने बदलाव की जो राह दिखाई थी, अब पूरा प्रदेश उसी पथ पर अग्रसर है। उन्होंने ‘निर्मम सरकार’ की विदाई को विकसित बंगाल की नींव रखने के लिए पहला और सबसे अनिवार्य कदम बताया।
घुसपैठ और तुष्टीकरण की राजनीति पर कड़ा प्रहार
ममता सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि टीएमसी के शासनकाल में केवल घुसपैठियों की ‘फैक्ट्री’ (Infiltration Centers) फली-फूली है। उन्होंने कहा कि फर्जी दस्तावेज बनाना और पशुओं की तस्करी ही इस सरकार के ‘विकास’ का असली चेहरा है। प्रधानमंत्री ने टीएमसी की राजनीति को भय और आतंक का केंद्र (Politics of Fear) बताते हुए कहा कि भ्रष्टाचार और सिंडिकेट राज ने बंगाल के युवाओं का भविष्य बर्बाद कर दिया है।
बंगाल चुनाव का शेड्यूल: दो चरणों में होगा सत्ता का फैसला
चुनाव आयोग द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार, पश्चिम बंगाल की 294 सीटों पर मतदान की प्रक्रिया (Voting Process) दो प्रमुख चरणों में संपन्न होगी। पहले चरण की वोटिंग 23 अप्रैल को और दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को निर्धारित है। चुनाव के परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे। इस बार मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और मुख्य विपक्षी दल भाजपा के बीच है, जहाँ दोनों ही दल पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाने का दावा (Claim to Form Government) कर रहे हैं।

