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Priyanka Gandhi बोलीं ‘झूठी बातें कर रही सरकार’

LPG Gas Crisis: संसद में LPG पर संग्राम! प्रियंका गांधी ने केंद्र को घेरा, कहा- ‘जनता के साथ छल कर रही सरकार’

LPG Gas Crisis: संसद के मौजूदा सत्र में बुधवार को उस समय भारी हंगामा देखने को मिला जब कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने देश में गहराते एलपीजी गैस संकट (LPG Gas Crisis) और कीमतों में भारी उछाल का मुद्दा उठाया। उन्होंने केंद्र सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि सरकार की नीतियां आम जनता की कमर तोड़ रही हैं और पश्चिम एशिया के संघर्ष का बहाना बनाकर नागरिकों पर महंगाई का बोझ डाला जा रहा है।

प्रियंका गांधी का पलटवार

सदन में अपनी बात रखते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कि देश की जनता अब और अधिक आर्थिक दबाव बर्दाश्त करने की स्थिति में नहीं है। उन्होंने रसोई गैस की बढ़ती कीमतों (Rising Cooking Gas Prices) को बेरोजगारी और महंगाई से जोड़ते हुए कहा कि सरकार की गलत योजनाओं के कारण आज हर घर का बजट बिगड़ चुका है। उन्होंने दुख जताया कि इतने महत्वपूर्ण जनहित के मुद्दे पर संसद में चर्चा से बचा जा रहा है, जबकि यह सीधे तौर पर करोड़ों परिवारों के चूल्हे से जुड़ा मामला है।

प्रमुख महानगरों में LPG सिलेंडरों के नए दाम

प्रियंका गांधी ने आंकड़ों के साथ सरकार को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने बताया कि हालिया 60 रुपये की बढ़ोतरी के बाद बिना सब्सिडी वाले गैस सिलेंडर (Non-Subsidized Gas Cylinders) की कीमतें दिल्ली में 913 रुपये, कोलकाता में 939 रुपये, मुंबई में 912 रुपये और चेन्नई में 928 रुपये तक पहुँच गई हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अलग-अलग राज्यों में टैक्स के कारण कीमतों में यह अंतर है, लेकिन मूल बोझ केंद्र की नीतियों की वजह से बढ़ा है, जिससे घरेलू ईंधन का खर्च (Domestic Fuel Expenses) आम आदमी की पहुँच से बाहर होता जा रहा है।

विपक्ष की सामूहिक मांग

कांग्रेस के साथ-साथ अन्य विपक्षी दलों ने भी गैस रिफिल में देरी (Delay in Gas Refilling) और सिलेंडरों की किल्लत को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सांसदों का कहना है कि पश्चिम एशिया के संघर्ष के कारण उत्पन्न हुई वैश्विक ऊर्जा बाधाओं का पूर्वानुमान लगाने में सरकार विफल रही। विपक्ष ने मांग की है कि सदन की अन्य कार्यवाहियों को रोककर केवल इस ऊर्जा आपूर्ति व्यवधान (Energy Supply Disruption) पर चर्चा की जाए, क्योंकि जनता सिलेंडरों के लिए हफ्तों का इंतजार कर रही है।

सरकार का बचाव

बढ़ते दबाव के बीच केंद्र सरकार ने स्थिति को संभालने के लिए आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) लागू कर दिया है। पेट्रोलियम मंत्रालय का तर्क है कि इससे घरेलू आपूर्ति को प्राथमिकता दी जा सकेगी। सरकार ने प्राकृतिक गैस वितरण (Natural Gas Distribution) के लिए एक नई प्राथमिकता सूची तैयार की है, जिसके तहत पाइप वाली गैस (PNG) और गाड़ियों के लिए CNG की 100% निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने का दावा किया गया है, ताकि आवश्यक सेवाएं प्रभावित न हों।

25 दिनों का अनिवार्य ‘इंटर-बुकिंग’ अंतराल

गैस की कालाबाजारी रोकने और सीमित स्टॉक के प्रबंधन के लिए सरकार ने LPG रीफिलिंग का नया नियम (New LPG Refill Rules) लागू किया है। अब उपभोक्ता एक सिलेंडर बुक करने के बाद अगले 25 दिनों तक दूसरा सिलेंडर बुक नहीं कर पाएंगे। सरकार का मानना है कि इस ‘इंटर-बुकिंग पीरियड’ से गैस सिलेंडर की जमाखोरी (Hoarding of Gas Cylinders) पर लगाम लगेगी और संकट के इस समय में सभी को समान रूप से ईंधन उपलब्ध हो सकेगा।

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