Raghav Chadha: आम आदमी पार्टी (AAP) के भीतर मचे घमासान के बीच राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा के एक सोशल मीडिया कदम ने भारतीय राजनीति में नए कयासों को जन्म दे दिया है। पिछले कुछ समय से पार्टी नेतृत्व और राघव चड्ढा के बीच बढ़ती दूरियों ने दिल्ली और पंजाब के राजनीतिक गलियारों में तापमान बढ़ा दिया है। अब उनके समर्थकों के बीच यह चर्चा तेज है कि क्या चड्ढा ‘आप’ का दामन छोड़कर अपनी नई सियासी राह चुनने वाले हैं।
सोशल मीडिया पोस्ट से मिले ‘नई राजनीतिक पारी’ के संकेत
हाल ही में राघव चड्ढा ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल पर एक ऐसी रील साझा की, जिसने उनके भविष्य के कदम को लेकर सस्पेंस बढ़ा दिया है। दरअसल, रिहान (@seedhathok) नामक एक कंटेंट क्रिएटर ने एक वीडियो बनाकर चड्ढा को सुझाव दिया कि अब उन्हें अपनी खुद की राजनीतिक पार्टी (New Political Party) का गठन कर लेना चाहिए। इस वीडियो को अपनी स्टोरी पर शेयर करते हुए राघव चड्ढा ने कैप्शन में लिखा— “Interesting Thought” (दिलचस्प विचार है)। चड्ढा की इस संक्षिप्त प्रतिक्रिया ने इन संभावनाओं को बल दे दिया है कि वह अपनी स्वतंत्र पहचान बनाने पर विचार कर रहे हैं।
युवाओं के लिए ‘Gen-Z’ पार्टी बनाने का मिला अनूठा सुझाव
साझा की गई रील में कंटेंट क्रिएटर ने तर्क दिया कि यदि राघव चड्ढा किसी दूसरी स्थापित पार्टी में शामिल होते हैं, तो उन्हें जनता के कड़े विरोध का सामना करना पड़ सकता है और वह समर्थन नहीं मिलेगा जो उन्हें फिलहाल हासिल है। वीडियो में सुझाव दिया गया कि चड्ढा को ‘जेन-ज़ी (Gen-Z) पार्टी’ जैसा आधुनिक नाम रखना चाहिए। यह दावा किया गया कि देश का युवा वर्ग उनके साथ मजबूती से खड़ा होगा और वह अपनी पार्टी के दम पर एकतरफा चुनावी जीत दर्ज करने की क्षमता रखते हैं। समर्थकों का मानना है कि उनकी साफ-सुथरी छवि और युवाओं के बीच लोकप्रियता उन्हें एक नया विकल्प बनाने में मदद करेगी।
आम आदमी पार्टी और राघव चड्ढा के बीच क्यों पैदा हुई दरार?
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि राघव चड्ढा और ‘आप’ के बीच सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। इसकी शुरुआत तब हुई जब आम आदमी पार्टी ने चड्ढा को राज्यसभा में पार्टी उपनेता (Deputy Leader) के पद से हटाकर अशोक कुमार मित्तल को यह जिम्मेदारी सौंप दी। केवल पद ही नहीं, बल्कि सदन में बोलने के उनके समय पर भी कटौती कर दी गई। सूत्रों के अनुसार, पार्टी के भीतर अब चड्ढा को हाशिए पर धकेला जा रहा है, जिससे उनके समर्थकों में भारी नाराजगी है।
चड्ढा पर ‘सॉफ्ट-बीजेपी’ रुख अपनाने के गंभीर आरोप
पार्टी द्वारा लिए गए इस कड़े एक्शन के पीछे राघव चड्ढा पर लगे कुछ गंभीर आरोप बताए जा रहे हैं। आप नेतृत्व का आरोप है कि चड्ढा का झुकाव सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) की तरफ बढ़ रहा है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि वह महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मुद्दों या बीजेपी की नीतियों के खिलाफ मुखर होने के बजाय ‘समोसे के बढ़ते दाम’ जैसे हल्के विषयों पर ध्यान दे रहे हैं। इसी ‘सॉफ्ट स्टैंड’ को आधार बनाकर पार्टी ने उन्हें मुख्य भूमिकाओं से दूर करना शुरू कर दिया है।

