You are currently viewing टैरिफ पर राहत की उम्मीद: भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों में आ सकती है बड़ी खुशखबरी

टैरिफ पर राहत की उम्मीद: भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों में आ सकती है बड़ी खुशखबरी

भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक रिश्तों को लेकर एक सकारात्मक संकेत सामने आया है। लंबे समय से भारत पर लगाए गए 25 प्रतिशत टैरिफ को लेकर जो असमंजस बना हुआ था, उस पर अब जल्द राहत मिलने की संभावना जताई जा रही है। अमेरिका ने यह टैरिफ भारत द्वारा रूस से कच्चा तेल खरीदने के कारण लगाया था, जिसे लेकर वॉशिंगटन की ओर से लगातार नाराज़गी जताई जाती रही है। अब अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट के एक बयान ने इस मुद्दे पर नई उम्मीद जगा दी है।
स्कॉट बेसेंट के अनुसार, हाल के महीनों में भारत ने रूस से तेल के आयात में उल्लेखनीय कमी की है। अमेरिकी प्रशासन का मानना है कि यह कदम वैश्विक भू-राजनीतिक संतुलन और प्रतिबंधों के अनुरूप है। इसी वजह से अमेरिका भारत पर लगाए गए 25 प्रतिशत टैरिफ को हटाने पर गंभीरता से विचार कर रहा है। यदि यह फैसला होता है, तो यह भारत के लिए आर्थिक और कूटनीतिक दोनों दृष्टियों से बड़ी उपलब्धि मानी जाएगी।

रूस से तेल आयात में कमी के संकेत

दरअसल, रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद पश्चिमी देशों ने रूस पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाए थे। इसी पृष्ठभूमि में अमेरिका ने उन देशों पर नजर रखनी शुरू की, जो रूस से ऊर्जा संसाधनों का आयात कर रहे थे। भारत, जो अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात के जरिए पूरा करता है, ने उस समय रूस से सस्ता कच्चा तेल खरीदा था। इसी वजह से अमेरिका ने भारत पर 25 फीसदी टैरिफ लागू कर दिया, जिससे कुछ भारतीय उत्पादों की अमेरिकी बाजार में प्रतिस्पर्धा प्रभावित हुई।
हालांकि भारत ने हमेशा यह स्पष्ट किया है कि उसकी ऊर्जा नीति राष्ट्रीय हितों और आर्थिक जरूरतों पर आधारित है। इसके बावजूद, बदलते वैश्विक हालात और अमेरिका के साथ मजबूत होते रणनीतिक संबंधों को देखते हुए भारत ने धीरे-धीरे रूस से तेल आयात में संतुलन बनाने की कोशिश की। अब अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी का यह बयान उसी दिशा में उठाए गए कदमों की पुष्टि करता है।

अमेरिका भारत पर लगाया गया 25% टैरिफ हटा सकता है

अगर अमेरिका वास्तव में यह टैरिफ हटा लेता है, तो इससे भारतीय निर्यातकों को बड़ी राहत मिलेगी। खासतौर पर टेक्सटाइल, स्टील, ऑटो पार्ट्स और अन्य औद्योगिक उत्पादों को अमेरिकी बाजार में दोबारा मजबूती मिल सकती है। साथ ही, इससे भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों में नई ऊर्जा आएगी और दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग और गहरा होगा।
कुल मिलाकर, यह संभावित फैसला न केवल व्यापारिक दृष्टि से बल्कि कूटनीतिक स्तर पर भी अहम साबित हो सकता है। अब सभी की निगाहें अमेरिका के आधिकारिक फैसले पर टिकी हैं, जो आने वाले समय में भारत के लिए एक बड़ी खुशखबरी बन सकता है।

Spread the love

Leave a Reply