You are currently viewing शपथग्रहण के बाद पटना एयरपोर्ट तक छोड़ने गए मुख्यमंत्री, पैर छूने की कोशिश पर सोशल मीडिया में गरमाई बहस

शपथग्रहण के बाद पटना एयरपोर्ट तक छोड़ने गए मुख्यमंत्री, पैर छूने की कोशिश पर सोशल मीडिया में गरमाई बहस

बिहार की राजनीति में एक बार फिर बड़ा क्षण देखने को मिला जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने दसवें कार्यकाल की शपथ ग्रहण की। गुरुवार, 20 नवंबर 2025 को पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में आयोजित भव्य समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी ने इस कार्यक्रम को और अधिक महत्वपूर्ण बना दिया। इसी समारोह में बीजेपी नेताओं सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा ने भी उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। एनडीए ने इस मौके को एक तरह से अपने शक्ति प्रदर्शन के रूप में भी पेश किया।

शपथग्रहण के बाद नीतीश का कदम बना चर्चा का विषय

शपथ लेते ही कैमरों और दर्शकों का ध्यान एक ऐसे पल पर टिक गया जिसने राजनीतिक माहौल में नई चर्चा छेड़ दी। समारोह के बाद जब प्रधानमंत्री मोदी पटना एयरपोर्ट लौट रहे थे, तो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार खुद उन्हें विदा करने एयरपोर्ट पहुंचे। यह अपने आप में एक औपचारिक और सम्मानजनक कदम था, लेकिन इसके बाद जो हुआ, उसने इस घटना को सुर्खियों में ला दिया।

पीएम मोदी से विदाई के दौरान नीतीश कुमार झुककर उनका पैर छूने लगे। प्रधानमंत्री ने तत्काल उन्हें रोक दिया और हाथ पकड़कर उठाया। यह दृश्य वहां मौजूद लोगों ने तुरंत कैमरों में कैद कर लिया, जिसके बाद सोशल मीडिया पर राजनीतिक शिष्टाचार, वरिष्ठता और राजनीतिक मर्यादा को लेकर बहस शुरू हो गई।

सोशल मीडिया पर उठे सवाल–सम्मान या राजनीति?

सोशल मीडिया पर इस घटना ने दो तरह की प्रतिक्रियाएं जन्म दीं। कुछ लोगों ने नीतीश कुमार के इस कदम को भारतीय संस्कृति के अनुरूप सम्मान का प्रतीक बताया। उनका कहना था कि वयस्क और अनुभवी नेता द्वारा किसी वरिष्ठ राष्ट्रीय नेतृत्व को सम्मान देना परंपरा का हिस्सा है।

दूसरी ओर, विरोधियों ने इस gesture को राजनीतिक संदेश देने की कोशिश बताया। उनका मत था कि यह दृश्य नीतीश कुमार की राजनीतिक मजबूरियों या गठबंधन के भीतर शक्ति समीकरण का संकेत हो सकता है। कुछ यूजर्स ने तो इसे ‘राजनीतिक नाटक’ करार दिया, जबकि एनडीए समर्थकों ने इसे शालीनता और मर्यादा का उदाहरण बताया।

नीतीश और मोदी की राजनीतिक केमिस्ट्री फिर सुर्खियों में

बिहार की राजनीति में नीतीश कुमार और नरेंद्र मोदी की राजनीतिक समीकरण का इतिहास उतार-चढ़ाव से भरा रहा है। कभी अलग हुए, कभी साथ आए—इन दोनों नेताओं का राजनीतिक संबंध हमेशा चर्चा में रहा है। इस घटना ने एक बार फिर उनकी राजनीतिक केमिस्ट्री की ओर लोगों का ध्यान खींचा है।

नीतीश कुमार द्वारा पीएम को एयरपोर्ट तक छोड़ने जाना और पैर छूने जैसा भावनात्मक कदम, इसे सहयोगियों के बीच सम्मान या गठबंधन की मजबूती के रूप में भी देखा जा रहा है।

समारोह में एनडीए का शक्ति प्रदर्शन

गांधी मैदान में हुए शपथ ग्रहण समारोह को एनडीए ने एक बड़े राजनीतिक आयोजन के रूप में पेश किया। PM मोदी की उपस्थिति, मंच पर नए मंत्रियों की घोषणा, और समर्थकों की भारी भीड़ ने इस कार्यक्रम को महत्व प्रदान किया।
नीतीश कुमार का दसवीं बार मुख्यमंत्री बनना भी इस आयोजन को ऐतिहासिक बनाता है।

निष्कर्ष: राजनीति में gesture भी बन जाते हैं सुर्खियों का मुद्दा

नीतीश कुमार और पीएम मोदी के बीच हुआ यह संक्षिप्त क्षण दिखाता है कि राजनीति में छोटे-से gesture भी बड़ी बहस का रूप ले लेते हैं। चाहे इसे सम्मान कहा जाए या राजनीतिक संकेत—यह दृश्य आने वाले दिनों में भी राजनीतिक चर्चाओं में शामिल रहेगा।

Spread the love

Leave a Reply