UP News: बिहार के मौलाना अब्दुल्ला सलीम ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath की मां के खिलाफ कथित रूप से अभद्र और आपत्तिजनक टिप्पणी की। इस बयान के बाद पूरे प्रदेश में तनाव फैल गया और लोग सड़कों पर उतर आए। काशी से लेकर लखनऊ तक प्रदर्शन हुए और भाजपा तथा हिंदू संगठन इस बयान का विरोध कर रहे हैं।
बलरामपुर में FIR दर्ज
बीते शनिवार को बलरामपुर बीजेपी जिलाध्यक्ष ने पुलिस में तहरीर दी, जिसके बाद पुलिस ने मौलाना अब्दुल्ला सलीम के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। मामला तेजी से बढ़ा और वर्तमान तक प्रदेश के करीब 83 थानों में मौलाना के खिलाफ तहरीर दी गई। भाजपा और हिंदू संगठन इस मामले को लेकर सख्त रूख अपनाए हुए हैं।
वाराणसी में प्रदर्शन और मौलाना का पुतला दहन
वाराणसी में Hindu Yuva Vahini के कार्यकर्ताओं ने मौलाना अब्दुल्ला सलीम का पुतला फूंका। प्रदर्शनकारियों ने गोरखनाथ मठ स्थित कार्यालय से मैदागिन चौराहे तक जुलूस निकाला। इस दौरान उन्होंने पुतले पर चप्पलें और लाठियां बरसाईं और उसे आग के हवाले कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने मौलाना की गिरफ्तारी की तत्काल मांग की।
युवाओं का गुस्सा और इनाम की घोषणा
प्रदर्शनकारियों में भारी आक्रोश देखा गया। वाराणसी में कार्यकर्ताओं ने यह भी घोषणा की कि जो मौलाना अब्दुल्ला सलीम का सिर कलम करेगा, उसे 21 लाख रुपये का इनाम मिलेगा। राजधानी लखनऊ के अटल चौराहे पर भी युवाओं ने पुतला दहन कर मौलाना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।
मौलाना की तरफ से कोई बयान नहीं आया
हालांकि अब्दुल्ला सलीम की तरफ से अभी तक कोई सफाई नहीं आई है। पूरे उत्तर प्रदेश में मामला बढ़ता जा रहा है और प्रशासन सतर्क है। बीजेपी और हिंदू संगठन लगातार जनता को शांत रखने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर जोरदार चर्चा हो रही है।
प्रदर्शन और कानून कार्रवाई का बढ़ता दबाव
प्रदेश के विभिन्न जिलों में लगातार प्रदर्शन और तहरीरें दर्ज होने के कारण पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी सक्रिय हो गए हैं। मौलाना अब्दुल्ला सलीम के खिलाफ अब तक दर्ज FIR की संख्या 83 थानों तक पहुंच गई है। मामले की गंभीरता देखते हुए कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए हैं।
भविष्य की कार्रवाई और सामाजिक तनाव
इस मामले से उत्तर प्रदेश में सामाजिक और राजनीतिक तनाव बढ़ गया है। प्रशासन और पुलिस लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं, जबकि बीजेपी और हिंदू संगठनों के विरोध प्रदर्शन भी जारी हैं। मामले की आगे की कार्रवाई और मौलाना की प्रतिक्रिया पर सभी की निगाहें लगी हुई हैं।

