You are currently viewing UP SIR अपडेट: 17 जिलों में बड़ी संख्या में कटे मतदाता नाम,  ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी

UP SIR अपडेट: 17 जिलों में बड़ी संख्या में कटे मतदाता नाम,  ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी

UP SIR Update:उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची को अद्यतन और त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से चलाए गए विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत मंगलवार को ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन कर दिया गया है। इस अभियान के दौरान राज्य के कई जिलों में मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाए गए हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश के कुल 75 जिलों में से 17 ऐसे जिले हैं, जहां 20 प्रतिशत से अधिक मतदाताओं के नाम सूची से काट दिए गए हैं।
सबसे अधिक नाम राजधानी लखनऊ जिले में हटाए गए हैं, जहां कुल 30.04 प्रतिशत मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट सूची से बाहर हो गए हैं। वहीं, महोबा जिला ऐसा रहा जहां सबसे कम, यानी 12.42 प्रतिशत मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। यह अंतर दर्शाता है कि जिलों के स्तर पर मतदाता सूची में सुधार की प्रक्रिया का असर अलग-अलग रहा है।
एक माह तक दावे और आपत्तियों का मौका
ड्राफ्ट मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद अब मतदाताओं को एक और अवसर दिया गया है। आगामी छह फरवरी तक नागरिक अपने दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं। इस अवधि में जिन मतदाताओं के नाम गलती से सूची से कट गए हैं, वे दोबारा नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा, यदि किसी अपात्र व्यक्ति का नाम सूची में दर्ज है, तो उसे हटवाने के लिए भी आपत्ति दर्ज कराई जा सकती है।
मतदाता सूची संबंधित बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) के पास उपलब्ध है। मतदाता अपने नजदीकी बीएलओ से संपर्क कर सूची की जांच कर सकते हैं और आवश्यक सुधार के लिए निर्धारित फॉर्म भर सकते हैं। चुनाव आयोग का उद्देश्य है कि अंतिम मतदाता सूची अधिक से अधिक सटीक और पारदर्शी हो।
अभियान की अवधि बढ़ाने का लिया गया था फैसला
विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की प्रक्रिया मूल रूप से 11 दिसंबर को समाप्त होनी थी। हालांकि, जब यह सामने आया कि लगभग 2.97 करोड़ मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट सूची में शामिल नहीं हो पाए हैं, तो राज्य सरकार और चुनाव प्रशासन ने अतिरिक्त समय की आवश्यकता जताई। इसके बाद इस प्रक्रिया को 15 दिनों के लिए और बढ़ाने का निर्णय लिया गया।
अभियान की समय-सीमा बढ़ाकर गणना चरण को 26 दिसंबर तक जारी रखा गया। इस अतिरिक्त अवधि के दौरान मतदाताओं की ओर से बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए। जानकारी के अनुसार, इस समयावधि में करीब नौ लाख नए फॉर्म भरे गए, जिससे यह स्पष्ट होता है कि लोगों में अपने मताधिकार को लेकर जागरूकता बढ़ी है।
मतदाताओं से की गई अपील
चुनाव आयोग और प्रशासन ने मतदाताओं से अपील की है कि वे अंतिम सूची प्रकाशित होने से पहले ड्राफ्ट सूची जरूर जांच लें। यदि किसी प्रकार की त्रुटि नजर आती है, तो निर्धारित समय सीमा के भीतर सुधार कराना बेहद जरूरी है। सही और अद्यतन मतदाता सूची ही निष्पक्ष और सुचारु चुनाव की बुनियाद होती है।
इस प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाकर मतदाता न केवल अपने अधिकार की रक्षा कर सकते हैं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को भी मजबूत बना सकते हैं।

Spread the love

Leave a Reply