UP News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की माता को लेकर की गई एक विवादित टिप्पणी ने प्रदेश भर में तीखी प्रतिक्रिया पैदा कर दी है। बिहार के एक मौलाना द्वारा दिए गए इस बयान को लेकर समाज के विभिन्न वर्गों में नाराजगी देखी जा रही है। हरदोई पहुंचे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि किसी भी मां के सम्मान पर आंच आना पूरे समाज के लिए अस्वीकार्य है। उनके अनुसार, यह मामला अब केवल एक राजनीतिक विवाद नहीं रह गया है, बल्कि सामाजिक मूल्यों और आस्था के सम्मान से जुड़ा मुद्दा बन चुका है।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का बयान
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद इन दिनों अपनी ‘गोप्रतिष्ठा धर्मयुद्ध यात्रा’ के तहत विभिन्न जिलों का दौरा कर रहे हैं। काशी से शुरू हुई यह यात्रा लखनऊ की ओर बढ़ रही है और इसी क्रम में सोमवार को वे हरदोई पहुंचे। यहां मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने बिहार के मौलाना अब्दुल्ला सलीम द्वारा दिए गए बयान को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मां केवल उनकी निजी मां नहीं हैं, बल्कि समाज के लिए भी सम्मान का प्रतीक हैं। उन्होंने भावुक होकर कहा कि समाज में बैठा हर व्यक्ति किसी न किसी मां का पुत्र है और इसलिए हर मां का सम्मान करना हमारा कर्तव्य है।
शास्त्रों का हवाला देकर समझाया महत्व
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने अपनी बात को स्पष्ट करने के लिए प्राचीन शास्त्रों का उल्लेख भी किया। उन्होंने संस्कृत के प्रसिद्ध श्लोक “पितुः शतगुणी माता गौरवेणातिरिच्यते” का उदाहरण देते हुए कहा कि शास्त्रों में माता का स्थान पिता से भी सौ गुना अधिक सम्माननीय बताया गया है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में मां को ईश्वर के समान माना जाता है और इसी कारण मां के सम्मान को सर्वोच्च स्थान दिया गया है। उनके अनुसार, किसी भी व्यक्ति द्वारा मां के खिलाफ अपमानजनक शब्दों का प्रयोग करना केवल एक व्यक्ति का नहीं बल्कि पूरी सांस्कृतिक परंपरा का अपमान है।
मर्यादित भाषा का संदेश
इस पूरे विवाद पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने मुस्लिम समाज को भी एक महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने कहा कि धार्मिक नेताओं को अपने शब्दों के चयन में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि उनके बयान समाज पर गहरा प्रभाव डालते हैं। उन्होंने मुस्लिम समुदाय से अपील की कि वे अपने मौलानाओं को मर्यादित भाषा का प्रयोग करने और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने की सलाह दें। उन्होंने यह भी कहा कि जब इस्लाम धर्म में भी मां का दर्जा बेहद ऊंचा बताया गया है, तो ऐसी आपत्तिजनक टिप्पणियों की कोई गुंजाइश नहीं होनी चाहिए।
मौलाना के खिलाफ कई एफआईआर दर्ज
इस विवादित बयान के बाद मामला अब कानूनी रूप भी ले चुका है। जानकारी के अनुसार, आरोपी मौलाना के खिलाफ उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में कई एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, प्रदेश के लगभग 83 थानों में उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है। यह संख्या लगातार बढ़ती जा रही है, जिससे मामले की गंभीरता साफ झलकती है।
आरोपी मौलाना पर 21 लाख रुपये का इनाम घोषित
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने आरोपी मौलाना के खिलाफ सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, आरोपी की गिरफ्तारी के लिए 21 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया है। पुलिस और प्रशासन की टीमों को निर्देश दिए गए हैं कि आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई की जाए। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी व्यक्ति को समाज में तनाव पैदा करने वाली बयानबाजी की अनुमति नहीं दी जाएगी और कानून के तहत सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

