Lucknow Protest: लखनऊ में शुक्रवार को जुम्मे की नमाज़ के बाद ऐतिहासिक बड़ा इमामबाड़ा के बाहर विरोध की लहर देखी गई। शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जव्वाद नकवी के नेतृत्व में सैकड़ों लोग एकत्र हुए, जहाँ उन्होंने मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और ईरान पर हो रहे हमलों के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त किया।
अमेरिका और इज़राइल के खिलाफ कड़ा रुख
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए मौलाना कल्बे जव्वाद ने अमेरिका की सैन्य कार्रवाइयों को ‘शर्मनाक’ करार दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिका निहत्थे लोगों और बेसहारा राष्ट्रों पर बमबारी कर रहा है। धर्मगुरु ने वैश्विक समुदाय से आह्वान किया कि यदि अमेरिका और इज़राइल अपनी आक्रामक नीतियों को नहीं रोकते हैं, तो पूरी दुनिया को एकजुट होकर उनका आर्थिक और राजनयिक बहिष्कार करना चाहिए। उन्होंने ईरान की उदारता का ज़िक्र करते हुए कहा कि संघर्ष के बावजूद ईरान ने भारत के तेल जहाजों को मार्ग दिया है, जिसे भारत सरकार को नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए।
विदेश नीति और प्रधानमंत्री मोदी की भूमिका पर सवाल
मौलाना जव्वाद ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की चुप्पी पर निराशा व्यक्त की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन के बीच हाल ही में हुई चर्चा पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि यह राजनयिक संवाद बहुत देर से शुरू हुआ है। उनके अनुसार, जब संकट गहरा गया है तब बातचीत का कोई विशेष महत्व नहीं रह जाता; भारत को बहुत पहले ही हस्तक्षेप करके ईरान का पुरज़ोर समर्थन करना चाहिए था।
उत्तर प्रदेश में सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतज़ाम
एक तरफ जहाँ लखनऊ में विरोध प्रदर्शन जारी था, वहीं दूसरी ओर उत्तर प्रदेश प्रशासन ने रमज़ान के आखिरी जुम्मे (अलविदा जुम्मा) को लेकर सुरक्षा की अभेद्य घेराबंदी की थी। संभल से लेकर कानपुर तक, संवेदनशीलता को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। संभल में शाही जामा मस्जिद के बाहर पीएसी (PAC) की टुकड़ियों और सिविल पुलिस ने मोर्चा संभाला, ताकि नमाज़ के दौरान कानून-व्यवस्था और शांति बनी रहे।
सोशल मीडिया पर निगरानी
पुलिस प्रशासन ने इस बार ज़मीनी सुरक्षा के साथ-साथ डिजिटल निगरानी पर भी विशेष ज़ोर दिया। अधिकारियों के अनुसार, असामाजिक तत्वों और अफवाह फैलाने वालों पर नज़र रखने के लिए सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल को 24 घंटे सक्रिय रखा गया है। कानपुर और संभल जैसे शहरों में भीड़भाड़ वाले इलाकों और ऊंची इमारतों पर ड्रोन कैमरे तैनात किए गए थे ताकि पल-पल की गतिविधि रिकॉर्ड की जा सके और किसी भी अप्रिय घटना को तुरंत रोका जा सके।
देश के कई हिस्सों में भी शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई नमाज़
लखनऊ और यूपी के घटनाक्रमों के बीच, बिहार की राजधानी पटना में भी रमज़ान के आखिरी जुम्मे का उत्साह देखने को मिला। हज़ारों की संख्या में अकीदतमंदों ने मस्जिदों में शांतिपूर्वक नमाज़ अदा की और मुल्क की सलामती की दुआएँ माँगी। पुलिस कमिश्नरों और वरिष्ठ अधिकारियों ने खुद मोर्चा संभालकर यह सुनिश्चित किया कि धार्मिक अनुष्ठान और सार्वजनिक व्यवस्था के बीच एक सुरक्षित संतुलन बना रहे।

