Kanpur News: उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। शनिवार, 14 मार्च 2026 की सुबह दिल्ली-कानपुर नेशनल हाईवे पर एक भीषण सड़क हादसा हो गया। यह दुर्घटना पनकी थाना क्षेत्र के सरायमीता के पास घटित हुई, जहाँ एक तेज रफ्तार अनियंत्रित बस ने आगे चल रहे ट्रक में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भयानक थी कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया। इस हादसे में बस चालक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि बस में सवार लगभग 30 से 40 यात्री गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।
नासिक से नेपाल जा रही बस दुर्घटनाग्रस्त
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दुर्घटना का शिकार हुई यह प्राइवेट बस महाराष्ट्र के नासिक से नेपाल की ओर जा रही थी। बस में 50 से अधिक यात्री सवार थे, जिनमें से अधिकांश सो रहे थे जब यह हादसा हुआ। टक्कर के बाद बस के भीतर कोहराम मच गया। स्थानीय लोगों और राहगीरों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया। बस के दरवाजे ब्लॉक हो जाने के कारण यात्रियों को इमरजेंसी डोर और खिड़कियों के शीशे तोड़कर बाहर निकाला गया। मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि रफ्तार इतनी तेज थी कि बस और ट्रक के परखच्चे उड़ गए और मलबे के टुकड़े सड़क पर दूर-दूर तक जा गिरे।
पनकी थाना क्षेत्र में पुलिस का रेस्क्यू ऑपरेशन
हादसे की सूचना मिलते ही पनकी थाना क्षेत्र की पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन तेज किया और बस के मलबे में दबे यात्रियों को बाहर निकाला। पुलिस ने बस चालक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मृतक के परिजनों को सूचित कर दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रथम दृष्टया यह हादसा बस के अनियंत्रित होने के कारण हुआ प्रतीत होता है, हालांकि मामले की गहराई से जांच की जा रही है कि क्या दुर्घटना का कारण नींद का झोंका था या कोई तकनीकी खराबी।
घायलों को अस्पताल में भर्ती
प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए मौके पर कई एंबुलेंस बुलाईं और सभी घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। कई यात्रियों की हालत नाजुक बनी हुई है, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया है। घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और घटनास्थल पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। पुलिस अब चश्मदीदों के बयान दर्ज कर रही है ताकि टक्कर के सही कारणों का पता लगाया जा सके। दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को क्रेन की मदद से हाईवे से हटाकर यातायात को सुचारू कराया गया है।

