Assam Election 2026: असम की राजनीतिक फिजां में चुनावी बिगुल बज चुका है। भारतीय जनता पार्टी ने आगामी विधानसभा चुनावों के लिए अपना आधिकारिक घोषणापत्र यानी ‘संकल्प पत्र’ जारी कर दिया है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुवाहाटी में इस महत्वपूर्ण दस्तावेज का अनावरण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा, केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल और प्रदेश अध्यक्ष दिलीप सैकिया सहित भाजपा के दिग्गज नेता मौजूद रहे। 126 सीटों वाले असम में 9 अप्रैल को मतदान होना है, जिसके परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे।
विकास का ‘संकल्प’ और दशक भर की उपलब्धियों का लेखा-जोखा
संकल्प पत्र जारी करते हुए केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा का यह घोषणापत्र पिछले 10 वर्षों के ठोस कार्यों और विकास की उपलब्धियों पर आधारित है। सीतारमण ने दावा किया कि बीते एक दशक में असम में जो परिवर्तन हुआ है, वह कांग्रेस के 60 सालों के शासनकाल में कभी संभव नहीं हो पाया। उन्होंने असम को एक उभरते हुए आर्थिक केंद्र के रूप में परिभाषित किया, जो अब विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है।
यूसीसी का कार्यान्वयन और लव जिहाद पर सख्त कानूनी प्रहार
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने घोषणापत्र की सबसे बड़ी रणनीतिक घोषणाओं में से एक का खुलासा किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा सरकार असम में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करेगी, हालांकि इसमें छठी अनुसूची और अनुसूचित जनजाति क्षेत्रों को छूट दी जाएगी। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने लव जिहाद जैसी सामाजिक चुनौतियों के खिलाफ कड़ा कानून बनाने और सख्त कदम उठाने का संकल्प दोहराया। भाजपा इसे राज्य की जनसांख्यिकीय सुरक्षा और सांस्कृतिक पहचान की रक्षा के रूप में पेश कर रही है।
रोजगार के अवसर और शैक्षिक बुनियादी ढांचे का सुदृढ़ीकरण
युवाओं को साधने के लिए भाजपा ने अपने ‘संकल्प पत्र’ में 2 लाख सरकारी नौकरियों का वादा किया है, जिसे अगले पांच वर्षों में पूरा किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने राज्य के शैक्षिक ढांचे के कायाकल्प की योजना पेश करते हुए कहा कि “एक जिला, एक मेडिकल कॉलेज” के लक्ष्य के साथ हर जिले में विश्वविद्यालय और इंजीनियरिंग कॉलेज स्थापित किए जाएंगे। यह कदम असम को उत्तर-पूर्व का ‘एजुकेशन हब’ बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल माना जा रहा है।
बाढ़ नियंत्रण के लिए मास्टरप्लान और भारी बजटीय निवेश
असम की सबसे पुरानी और गंभीर समस्या ‘बाढ़’ को लेकर भाजपा ने एक निर्णायक योजना पेश की है। पार्टी ने संकल्प लिया है कि असम को बाढ़ मुक्त बनाने के लिए पहले दो वर्षों के भीतर ही 18,000 करोड़ रुपये का भारी-भरकम निवेश किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य आधुनिक इंजीनियरिंग और नदी प्रबंधन के जरिए बाढ़ की विभीषिका को स्थायी रूप से समाप्त करना है, ताकि राज्य की अर्थव्यवस्था और कृषि को सुरक्षित रखा जा सके।
जनता के सुझावों पर आधारित ‘लोकतांत्रिक’ दस्तावेज
केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने बताया कि यह संकल्प पत्र केवल नेताओं द्वारा तैयार नहीं किया गया है, बल्कि इसमें 3 लाख से अधिक लोगों के सुझाव शामिल हैं। भाजपा कार्यकर्ताओं ने राज्य के हर कोने में जाकर, घर-घर दस्तक दी और जनता की आकांक्षाओं को एकत्र किया। सोनोवाल ने इसे लोकतंत्र का सबसे बड़ा उदाहरण बताते हुए कहा कि जनता के इन्हीं सुझावों के आधार पर भाजपा अपने तीसरे कार्यकाल की रूपरेखा तैयार करेगी और विकास की गति को निरंतरता प्रदान करेगी।

