IPL 2026: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 का सीजन जसप्रीत बुमराह के लिए अब तक किसी बुरे सपने से कम साबित नहीं हुआ है। दुनिया के नंबर-1 तेज गेंदबाज माने जाने वाले बुमराह न तो विपक्षी बल्लेबाजों की रन गति पर लगाम लगा पा रहे हैं और न ही विकेट निकाल पा रहे हैं। पांच बार की चैंपियन मुंबई इंडियंस की इस सीजन में लगातार हार का सबसे बड़ा कारण उनके सबसे भरोसेमंद हथियार का ‘खामोश’ होना माना जा रहा है। 15 वर्षीय युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी द्वारा उनकी गेंद पर छक्का जड़ना यह बताने के लिए काफी है कि बुमराह का खौफ अब मैदान पर पहले जैसा नहीं रहा।
विकेट के लिए तरसते बुमराह
जसप्रीत बुमराह के आईपीएल करियर में यह संभवतः सबसे खराब दौर है। मौजूदा सीजन में यॉर्कर स्पेशलिस्ट का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा है। सीजन के शुरुआती पांच मैचों में बुमराह ने कुल 19 ओवर गेंदबाजी की है, जिसमें उन्होंने बिना कोई सफलता हासिल किए 164 रन लुटा दिए हैं।
आमतौर पर बल्लेबाज बुमराह के खिलाफ केवल ओवर निकालने की रणनीति अपनाते थे, लेकिन इस साल उन पर जमकर प्रहार हो रहे हैं। उनकी गेंदों पर आसानी से रन बन रहे हैं, जो मुंबई इंडियंस के गेंदबाजी आक्रमण की रीढ़ को कमजोर कर रहा है। बिना विकेट के इतने रन खर्च करना टीम के मनोबल को भी गिरा रहा है।
इरफान पठान का विश्लेषण
पूर्व भारतीय क्रिकेटर इरफान पठान ने बुमराह की गेंदबाजी में तकनीकी खामियों को उजागर किया है। पठान के अनुसार, बुमराह की गेंदबाजी औसत और गति में इस सीजन में बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा कि बुमराह की औसत गति गिरकर 130 किमी/घंटा रह गई है, जो उनकी क्षमता से काफी कम है।
इरफान ने बताया कि बुमराह लगभग 44 प्रतिशत ‘स्लोअर बॉल्स’ (धीमी गेंदें) फेंक रहे हैं। पठान का सुझाव है कि अगर वह अपनी वास्तविक रफ्तार और सटीक तेज गेंदों पर वापस लौटते हैं, तो उन्हें विकेट मिलना शुरू हो जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि बुमराह को किसी कोचिंग की नहीं, बल्कि अपनी स्वाभाविक आक्रामकता को फिर से पहचानने की जरूरत है।
आकाश चोपड़ा का बचाव
दूसरी ओर, प्रसिद्ध कमेंटेटर आकाश चोपड़ा का मानना है कि बुमराह की फॉर्म को लेकर चिंता करना गलत है। चोपड़ा के मुताबिक, बुमराह की इकॉनमी और साथी गेंदबाजों का प्रदर्शन असली समस्या है। उन्होंने तर्क दिया कि बुमराह की इकॉनमी अभी भी 10 से नीचे है, जो टी20 के हिसाब से बहुत खराब नहीं है।
आकाश ने कहा कि बुमराह से पहले और बाद में गेंदबाजी करने वाले खिलाड़ी इतने रन दे रहे हैं कि विपक्षी बल्लेबाज बुमराह पर कोई रिस्क नहीं लेते। जब बल्लेबाज बुमराह के खिलाफ बड़े शॉट के लिए नहीं जाएगा, तो उन्हें विकेट मिलने की संभावना कम हो जाती है। उनके अनुसार, बुमराह अकेले संघर्ष कर रहे हैं क्योंकि दूसरे छोर से उन्हें सहयोग नहीं मिल रहा है।
मुंबई इंडियंस के प्लेऑफ समीकरणों पर बुमराह के फॉर्म का प्रभाव
मुंबई इंडियंस के लिए बुमराह केवल एक गेंदबाज नहीं, बल्कि एक ‘मैच विनर’ रहे हैं। मुंबई इंडियंस की हार का सिलसिला और बुमराह का प्रभाव सीधे तौर पर एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। अगर आगामी मैचों में बुमराह अपनी पुरानी लय और विकेट लेने की क्षमता वापस नहीं पाते, तो मुंबई के लिए प्लेऑफ की राह लगभग नामुमकिन हो जाएगी।
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि बुमराह को मनोवैज्ञानिक रूप से वापसी करनी होगी। यॉर्कर किंग को अपनी पहचान बचाने के लिए न केवल रनों पर अंकुश लगाना होगा, बल्कि पावरप्ले और डेथ ओवर्स में विकेट भी निकालने होंगे। पूरा क्रिकेट जगत अब यह देख रहा है कि दुनिया का यह सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज इस ‘करियर-लो’ फेज से कैसे बाहर निकलता है।

