Azamgarh mafia action: उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में अपराध और माफिया गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन और पुलिस लगातार सख्त कदम उठा रहे हैं। इसी क्रम में रविवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए जिला प्रशासन ने गैंगस्टर एक्ट के तहत माफिया से जुड़े एक आरोपी की करोड़ों रुपये की संपत्ति को कुर्क कर लिया। इस कार्रवाई से अपराधियों के बीच हड़कंप मच गया है और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में इसे अहम कदम माना जा रहा है।
कुंटू सिंह के सहयोगी पर गिरी गाज
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई माफिया ध्रुव कुमार सिंह उर्फ कुंटू सिंह के सहयोगी संजय यादव के खिलाफ की गई है। संजय यादव आजमगढ़ के जहानागंज थाना क्षेत्र के जिगरसंडी गांव का निवासी बताया जा रहा है, जबकि उसका मूल निवास गाजीपुर जिले के बहरियाबाद थाना क्षेत्र के बनकटा गांव में है। प्रशासन ने उसे गैंगस्टर एक्ट के तहत आरोपी मानते हुए उसकी अवैध संपत्तियों की जांच की थी।
अवैध कमाई से बनाई संपत्ति पर कार्रवाई
जांच में सामने आया कि संजय यादव ने आपराधिक गतिविधियों के जरिए बड़ी मात्रा में धन अर्जित किया था और उसी पैसे से संपत्तियां खरीदी थीं। प्रशासन ने इन संपत्तियों की पहचान करने के बाद कानूनी प्रक्रिया के तहत उन्हें कुर्क करने का निर्णय लिया।
बताया जा रहा है कि कुर्क की गई संपत्तियों की कुल कीमत करीब 6.20 करोड़ रुपये आंकी गई है। इनमें जमीन, मकान और अन्य अचल संपत्तियां शामिल हैं। प्रशासन की इस कार्रवाई का उद्देश्य यह स्पष्ट संदेश देना है कि अपराध से अर्जित संपत्ति को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
लगातार जारी है अभियान
जिला प्रशासन और पुलिस द्वारा पिछले कुछ समय से माफियाओं और अपराधियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत गैंगस्टर एक्ट और अन्य कठोर कानूनों का इस्तेमाल कर अवैध संपत्तियों को चिन्हित किया जा रहा है और उन्हें जब्त या कुर्क किया जा रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी, ताकि जिले में अपराध पर पूरी तरह से नियंत्रण पाया जा सके। साथ ही, यह कदम समाज में कानून के प्रति विश्वास बढ़ाने और अपराधियों के मन में भय पैदा करने के लिए भी जरूरी माना जा रहा है।
कानून-व्यवस्था को मिलेगा बल
इस कार्रवाई से यह साफ संदेश गया है कि प्रशासन अपराध और माफिया तंत्र के खिलाफ पूरी तरह सख्त है। अवैध गतिविधियों से अर्जित संपत्तियों को कुर्क करने से न केवल अपराधियों की आर्थिक ताकत कमजोर होगी, बल्कि अन्य लोगों के लिए भी यह एक चेतावनी का काम करेगा।

