You are currently viewing “अब सिर्फ बयान नहीं…” गोरक्षा मुद्दे पर शंकराचार्य का बड़ा ऐलान

“अब सिर्फ बयान नहीं…” गोरक्षा मुद्दे पर शंकराचार्य का बड़ा ऐलान

उत्तर प्रदेश के Meerut में गोरक्षा के मुद्दे पर एक बड़ा राजनीतिक संदेश सामने आया है! Avimukteshwaranand Saraswati ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि आगामी चुनावों में कोई भी राजनीतिक दल गोरक्षा को लेकर ठोस और प्रभावी संकल्प नहीं लेता, तो गोरक्षक पूरे प्रदेश में निर्दलीय प्रत्याशी उतारेंगे। उनके इस बयान ने राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है।

गोरक्षा पर राजनीति नहीं, ठोस कार्रवाई की मांग

गंगानगर स्थित डिफेंस कॉलोनी में आयोजित एक प्रेसवार्ता के दौरान शंकराचार्य ने कहा कि गोमाता के नाम पर केवल राजनीति की जा रही है, जबकि जमीनी स्तर पर अपेक्षित काम दिखाई नहीं देता। उन्होंने विभिन्न दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनावों के दौरान गोरक्षा का मुद्दा उठाया जाता है, लेकिन बाद में इस पर ठोस कदम नहीं उठाए जाते।
उन्होंने सरकार से मांग की कि गाय को केवल एक पशु के रूप में न देखा जाए, बल्कि उसे ‘मां’ का दर्जा दिया जाए। उनका कहना था कि भारतीय संस्कृति और परंपरा में गाय का विशेष स्थान है, इसलिए उसके संरक्षण के लिए ठोस नीतियां बनाई जानी चाहिए।

सरकारों की गंभीरता पर उठाए सवाल

शंकराचार्य ने यह भी कहा कि इस महत्वपूर्ण विषय पर सरकारें गंभीरता से सुनने को तैयार नहीं दिखतीं। उन्होंने आरोप लगाया कि गोरक्षा के नाम पर केवल बयानबाजी होती है, लेकिन ठोस और प्रभावी नीतियां लागू नहीं की जातीं।

राजनीतिक गलियारों में बढ़ी हलचल

उनके इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि गोरक्षा के मुद्दे पर स्वतंत्र उम्मीदवार उतारे जाते हैं, तो इससे चुनावी समीकरण प्रभावित हो सकते हैं।

Spread the love

Leave a Reply