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Jabalpur Cruise Accident: 9 की मौत के बाद सोनू सूद का फूटा गुस्सा, सरकार से की ‘लाइफ जैकेट अनिवार्य’ करने की मांग

Jabalpur Cruise Accident: मध्य प्रदेश के जबलपुर में पर्यटन के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया, जहां यात्रियों से भरा एक क्रूज असंतुलित होकर पानी में समा गया। इस हृदयविदारक घटना में अब तक 9 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि आधा दर्जन लोग अब भी लापता हैं। इस त्रासदी ने न केवल प्रशासन की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि बॉलीवुड अभिनेता और समाजसेवी सोनू सूद को भी झकझोर कर रख दिया है।

नर्मदा नदी में भीषण जलयान दुर्घटना

जबलपुर में हुए इस भयानक क्रूज हादसे (Cruise Tragedy in Jabalpur) में मरने वालों का आंकड़ा शुरुआती 4 से बढ़कर अब 9 हो गया है। प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे बचाव अभियान के तहत अब तक 22 यात्रियों को सुरक्षित रेस्क्यू (Rescue of Passengers) किया गया है। हालांकि, जलमग्न हुए क्रूज के मलबे और बहाव के बीच अभी भी 6 जिंदगियां लापता हैं, जिनकी तलाश में गोताखोर और आपदा प्रबंधन की टीमें जुटी हुई हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना के समय अफरा-तफरी का माहौल था, जिसने पूरी रेस्क्यू प्रक्रिया को चुनौतीपूर्ण बना दिया।

अभिनेता सोनू सूद की अपील

इस घटना पर दुख जताते हुए फिल्म अभिनेता सोनू सूद (Sonu Sood’s Reaction on Jabalpur Accident) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपनी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने पुरानी घटनाओं का जिक्र करते हुए सरकार को सख्त लहजे में सुझाव दिया कि अब लाइफ जैकेट के निर्देशों (Mandatory Life Jacket Rules) को कागजों से निकालकर जमीन पर अनिवार्य करने का समय आ गया है। सोनू सूद ने लिखा कि बिहार और वृंदावन की घटनाओं के बाद भी हमने सबक नहीं लिया है। उन्होंने मांग की कि बिना लाइफ जैकेट के किसी भी नाव या क्रूज को रवाना होने की अनुमति बिल्कुल नहीं मिलनी चाहिए।

सरकारी जवाबदेही और डिजिटल पोर्टल की आवश्यकता पर जोर

सोनू सूद ने केवल सुझाव ही नहीं दिए, बल्कि कड़ी जवाबदेही और सरकारी पोर्टल (Government Accountability & Digital Portal) का एक मॉडल भी पेश किया। उन्होंने कहा कि “हमें एक ऐसे सरकारी सिस्टम की जरूरत है जहां हर सफर से पहले सभी यात्रियों की लाइफ जैकेट पहने हुए टाइम-स्टैम्प्ड फोटो (Time-stamped Proof of Safety) अपलोड करना अनिवार्य हो।” उनका मानना है कि जब तक नियमों के पालन का डिजिटल प्रमाण नहीं होगा, तब तक लापरवाही के कारण मासूम जानें जाती रहेंगी।

मुख्यमंत्री मोहन यादव की घोषणा

हादसे की गंभीरता को देखते हुए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव (CM Mohan Yadav Compensation Announcement) ने गहरा शोक व्यक्त किया है। सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये (Financial Assistance for Victims) की अनुग्रह राशि देने का ऐलान किया है। इसके साथ ही, स्थानीय प्रशासन को घटना की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्रूज पर क्षमता से अधिक लोग तो नहीं थे या सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई थी। फिलहाल, पूरा ध्यान लापता लोगों को ढूंढने पर केंद्रित है।

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