Panna Well Collapse : मध्य प्रदेश के पन्ना जिले से एक बेहद दुखद और विचलित करने वाली खबर सामने आई है। पन्ना जिले के अजयगढ़ जनपद क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक ग्रामीण इलाके में गहरा कुआं खोदने के दौरान एक भीषण हादसा हो गया। मिली जानकारी के अनुसार, कुएं के भीतर काम कर रहे करीब पांच मजदूर अचानक भारी मात्रा में मिट्टी धंसने के कारण उसके नीचे जिंदा दफन हो गए। इस भयावह घटना की भनक लगते ही पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीमें बिना समय गंवाए फौरन घटनास्थल पर रवाना हुईं।
मौके पर पहुंचकर अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लिया और तुरंत ही विशालकाय पोकलेन व जेसीबी मशीनों को काम पर लगाकर बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन (राहत एवं बचाव कार्य) शुरू कर दिया। मलबे को हटाने के बाद अब तक दो बदनसीब मजदूरों के शवों को बाहर निकाला जा चुका है।
अजयगढ़ के बीहरपुरवा गांव में सुबह हुआ हादसा, अचानक भरभराकर गिरी भारी मिट्टी
यह हृदयविदारक घटना अजयगढ़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सुदूर बीहरपुरवा गांव की बताई जा रही है, जहां आज भी रेस्क्यू अभियान युद्धस्तर पर जारी है। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक, यह पूरा घटनाक्रम मंगलवार यानी आज सुबह तकरीबन 11 बजे के आसपास का है। उस वक्त रोज की तरह मजदूर कुएं के भीतर गहराई में खुदाई का काम कर रहे थे, तभी अचानक बिना किसी चेतावनी के ऊपर की गीली और भारी मिट्टी भरभराकर नीचे गिर गई और पूरा परिदृश्य पल भर में चीख-पुकार में बदल गया। अचानक हुए इस भूधंसाव के कारण कुएं के अंदर मौजूद लोगों को संभलने या बाहर भागने का रत्ती भर भी मौका नहीं मिल सका और वे मलबे के विशाल ढेर के नीचे पूरी तरह समा गए।
बिन्नू अहिरवार के खेत में चल रहा था काम, दो मजदूरों की ऐसे बची जान
प्राप्त विस्तृत विवरण के मुताबिक, बीहरपुरवा गांव के निवासी बिन्नू अहिरवार के निजी खेत में पिछले लगभग 10 दिनों से कुएं को गहरा करने और खुदाई का काम लगातार चल रहा था। इस काम में कुल सात स्थानीय मजदूर पूरी लगन से जुटे हुए थे। मंगलवार की सुबह भी काम सुचारू रूप से शुरू हुआ था, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। सुबह करीब 11 बजे जब यह जानलेवा हादसा हुआ, तब संयोगवश दो मजदूर पानी पीने की खातिर कुएं से निकलकर ऊपर बाहर आए हुए थे।
इसी वजह से इन दोनों मजदूरों की जान बाल-बाल बच गई। मगर दुर्भाग्यवश, उस समय पांच अन्य मजदूर कुएं के बिल्कुल तल में काम कर रहे थे, जो सीधे तौर पर इस अचानक ढही मिट्टी की चपेट में आ गए और गहरी खाई में तब्दील हो चुके कुएं के मलबे में पूरी तरह दब गए।
दो मजदूरों की मौत और तीन की सरगर्मी से तलाश, बचाव कार्य में जुटी टीमें
इस दर्दनाक हादसे का शिकार होकर मलबे में दबे हुए अभागे मजदूरों में से कुछ की पहचान चुन्नू यादव, राजकुमार यादव, आशीष यादव और चुनवाद पाल के रूप में की गई है। राहत एवं बचाव दल ने मलबे को बेहद सावधानी से हटाते हुए अब तक राजकुमार यादव और एक अन्य मजदूर के शव को कुएं से बाहर निकाल लिया है, जिन्हें पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। वहीं, मलबे में फंसे बाकी बचे तीन अन्य लापता मजदूरों की तलाश में बचाव दल की टीमें लगातार जुटी हुई हैं।
घटना स्थल पर पुलिस बल, राजस्व विभाग के आला अधिकारी और प्रशासनिक अमले के साथ-साथ भारी संख्या में चिंतित ग्रामीणों की भीड़ जमा है। मिट्टी अत्यधिक मात्रा में और बार-बार धंसने के कारण पोकलेन मशीनों को मलबा साफ करने में भारी दिक्कतों और चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, इसके बावजूद प्रशासन दबे हुए लोगों को सकुशल बाहर निकालने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहा है।

