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PM Modi Mann Ki Baat: मन की बात में पीएम मोदी ने कारगिल, अंतरिक्ष, रक्षा और खेल उपलब्धियों को सराहा आज

PM Modi Mann Ki Baat: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार सुबह 11 बजे प्रसारित अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 136वें एपिसोड में देशवासियों को संबोधित किया। कार्यक्रम की शुरुआत उन्होंने कारगिल विजय दिवस पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए की। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह दिन भारतीय सेना के अदम्य साहस, वीरता और बलिदान की याद दिलाता है। उन्होंने कहा कि कारगिल की दुर्गम चोटियों पर भारतीय सैनिकों ने विपरीत परिस्थितियों में भी अद्भुत शौर्य का परिचय दिया और मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। उन्होंने सभी शहीदों और वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि पूरा देश उनके साहस का सदैव ऋणी रहेगा।

कारगिल विजय दिवस और शौर्य यात्रा का किया उल्लेख

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कारगिल विजय दिवस केवल एक ऐतिहासिक जीत का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता की भावना को भी मजबूत करता है। उन्होंने बताया कि इस अवसर पर देशभर में विशेष शौर्य यात्रा का आयोजन किया गया, जिसके माध्यम से युवाओं और नागरिकों ने वीर सैनिकों के बलिदान को याद किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को देश के लिए समर्पण और सेवा की प्रेरणा देते हैं।

विक्रम-1 रॉकेट लॉन्च और भारत की अंतरिक्ष उपलब्धि पर जताया गर्व

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने भारत की निजी अंतरिक्ष कंपनी स्काईरूट एयरोस्पेस द्वारा विकसित विक्रम-1 रॉकेट के सफल प्रक्षेपण का भी उल्लेख किया। उन्होंने इसे भारतीय अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह भारत के निजी क्षेत्र द्वारा विकसित पहला रॉकेट है, जिसकी सफलता ने पूरे देश को गर्व से भर दिया है।

उन्होंने कहा कि भारत के युवा वैज्ञानिकों और नवप्रवर्तकों ने अपनी प्रतिभा, मेहनत और धैर्य के दम पर वह उपलब्धि हासिल की है, जिसकी कभी कल्पना भी कठिन मानी जाती थी। यह सफलता भारत के बढ़ते तकनीकी सामर्थ्य और नवाचार की क्षमता को दुनिया के सामने प्रस्तुत करती है।

आत्मनिर्भर भारत, रक्षा उत्पादन और स्वदेशी तकनीक पर जोर

प्रधानमंत्री मोदी ने ‘कैच द रेन’ अभियान का जिक्र करते हुए कहा कि देशभर में लोगों ने जल संरक्षण के इस अभियान में उत्साहपूर्वक भाग लिया। इसके साथ ही उन्होंने भारतीय नौसेना में शामिल किए गए आधुनिक युद्धपोत आईएनएस महेंद्रगिरि का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि यह युद्धपोत भारत में ही डिजाइन और निर्मित किया गया है तथा इसमें 75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग हुआ है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि रक्षा क्षेत्र में भारत लगातार आत्मनिर्भर बन रहा है। उन्होंने डीआरडीओ द्वारा पिनाका लंबी दूरी की निर्देशित रॉकेट और कुशा मिसाइल के सफल परीक्षण का उल्लेख करते हुए वैज्ञानिकों और इंजीनियरों की सराहना की। उन्होंने कहा कि रक्षा उत्पादन, रक्षा निर्यात और मित्र देशों के साथ रणनीतिक सहयोग के क्षेत्र में भारत लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है।

इंडोनेशिया समझौते और रक्षा निर्यात में भारत की बढ़ती पहचान

प्रधानमंत्री ने बताया कि हाल ही में उनकी इंडोनेशिया यात्रा के दौरान ब्रह्मोस और अस्त्र मिसाइल से जुड़े महत्वपूर्ण समझौते हुए हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय रक्षा तकनीक और स्वदेशी हथियारों पर दुनिया का भरोसा लगातार बढ़ रहा है। यह भारत की रक्षा क्षमता और वैश्विक प्रतिष्ठा का प्रमाण है।

खेलों में भारतीय बेटियों की सफलता पर पीएम मोदी ने जताया गर्व

प्रधानमंत्री मोदी ने खेल जगत में भारतीय खिलाड़ियों की उपलब्धियों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत की बेटियां लगातार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन कर रही हैं। उन्होंने बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु को जापान ओपन का खिताब जीतने वाली पहली भारतीय बनने पर बधाई दी।

इसके अलावा उन्होंने भारतीय महिला क्रिकेट टीम की ऐतिहासिक उपलब्धि का भी उल्लेख किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि लंदन के प्रतिष्ठित लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर पहला टेस्ट मैच जीतना भारतीय महिला क्रिकेट के लिए गर्व का क्षण है और यह देश के खेल इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में दर्ज रहेगा।

संस्कृत क्लब और कश्मीर की पारंपरिक कला को किया प्रोत्साहित

‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री ने केरल के एर्नाकुलम स्थित एक विद्यालय के संस्कृत क्लब की भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि वहां शिक्षक अभिनव तरीकों से संस्कृत भाषा को लोकप्रिय बना रहे हैं। ‘अक्षरकंदुक’ नामक पहल के तहत फुटबॉल से जुड़े शब्दों के माध्यम से बच्चों को संस्कृत सिखाई जा रही है, जिससे भाषा सीखना अधिक रोचक बन गया है।

कार्यक्रम के अंत में प्रधानमंत्री ने कश्मीर की पारंपरिक ‘वगू’ चटाई का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि स्थानीय कारीगर गुलाम हुसैन और उनकी बेटी तंजीला इस पारंपरिक शिल्प को नया जीवन देने का प्रयास कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसे प्रयास भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के साथ-साथ स्थानीय कारीगरों को नए अवसर भी प्रदान कर रहे हैं।

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