NEET Paper Leak: राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने गुरुवार को NEET Paper Leak और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि सरकार वास्तव में युवाओं को अपनी प्राथमिकता मानती है, तो परीक्षा में पेपर लीक की घटनाओं और छात्रों के लंबे समय तक चले आंदोलन के दौरान पहले ही ठोस कदम उठाने चाहिए थे। सिब्बल ने आरोप लगाया कि छात्रों की समस्याओं पर सरकार ने समय रहते गंभीरता नहीं दिखाई।
NEET Paper Leak विवाद पर पीएम मोदी की चुप्पी को लेकर उठाए सवाल
NEET Paper Leak मामले का जिक्र करते हुए कपिल सिब्बल ने कहा कि जब विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाएं सामने आ रही थीं, तब केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं आई। उन्होंने कहा कि छात्र 23 दिनों से अधिक समय तक अनशन पर बैठे रहे, लेकिन तब उनकी मांगों और भविष्य को लेकर कोई गंभीर पहल नहीं की गई। उनके अनुसार, युवाओं की चिंता केवल बयान देने से नहीं, बल्कि समय पर कार्रवाई करने से दिखाई देती है।
NEET परीक्षा शुल्क और NTA की भूमिका पर कपिल सिब्बल का सवाल
NEET परीक्षा को लेकर सिब्बल ने दावा किया कि पिछले वर्ष लगभग 23 लाख छात्रों ने परीक्षा के लिए 3,000 रुपये प्रति उम्मीदवार के हिसाब से शुल्क जमा किया, जिससे नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को करीब 600 करोड़ रुपये की आय हुई। उन्होंने कहा कि जब परीक्षा शुल्क वापस करने की बात कही गई थी, तब भी अब तक छात्रों को राशि नहीं लौटाई गई। सिब्बल ने सवाल उठाया कि यदि सरकार वास्तव में छात्रों के हितों के प्रति गंभीर है, तो इस मुद्दे पर अब तक स्पष्ट और प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
सरकार की प्राथमिकताओं पर कपिल सिब्बल का हमला
कपिल सिब्बल ने केंद्र सरकार की प्राथमिकताओं पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि सरकार को पहले अपने मंत्रियों और पार्टी नेताओं की जवाबदेही तय करनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कई महत्वपूर्ण मुद्दों की बजाय राजनीतिक और धार्मिक नारों पर अधिक ध्यान दिया जा रहा है। सिब्बल ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में पारदर्शिता और जवाबदेही चाहती है, तो उसे अपने स्तर पर भी त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए। तभी जनता यह मानेगी कि सरकार युवाओं और शिक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर है।
संसद में गतिरोध और शिक्षा नीति पर सरकार को ठहराया जिम्मेदार
संसद में गतिरोध को लेकर भी कपिल सिब्बल ने सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि मौजूदा राजनीतिक माहौल में शिक्षा, रोजगार और युवाओं के भविष्य जैसे अहम विषयों पर पर्याप्त चर्चा नहीं हो रही है। उनके अनुसार, संसद में शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने जैसे मुद्दों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए, लेकिन ऐसा देखने को नहीं मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का ध्यान अन्य राजनीतिक मुद्दों पर अधिक केंद्रित रहा है।
देश के भविष्य और शिक्षा सुधार पर गंभीर चर्चा की जरूरत
कपिल सिब्बल ने कहा कि देश के भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली और युवाओं के हितों की रक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की कि वे शिक्षा और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर व्यापक स्तर पर विचार करें और ऐसी व्यवस्था विकसित करें, जिससे भविष्य में NEET Paper Leak जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। सिब्बल ने कहा कि छात्रों का विश्वास बनाए रखना किसी भी सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होनी चाहिए।

