UP Weather Updates: उत्तर प्रदेश में एक बार फिर से मौसम का मिजाज पूरी तरह से बदलने वाला है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के विभिन्न अंचलों के लिए आगामी 2 से 3 दिनों तक मौसम खराब रहने की गंभीर चेतावनी जारी की है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, एक नए और सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) और वायुमंडल में विकसित हुए एक नए दबाव तंत्र के कारण पूरे प्रदेश में तीव्र गति से हवाएं चलने, मेघ गर्जना, आकाशीय बिजली चमकने के साथ झमाझम बारिश होने और कुछ संवेदनशील क्षेत्रों में भारी ओलावृष्टि (Hailstorm) की प्रबल आशंका बनी हुई है।
पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव और बारिश के आसार
मौसम विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञों का अनुमान है कि उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में सक्रिय हुए इस नए वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का सीधा और व्यापक असर अब मैदानी इलाकों यानी उत्तर प्रदेश में भी साफ़ तौर पर दिखाई देगा। इस मौसमी बदलाव के चलते पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लेकर पूर्वी यूपी के अधिकांश हिस्सों में मौसम बहुत तेजी से करवट लेगा। प्रदेश के कई जनपदों में आसमान में घने काले बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम स्तर की मानसूनी व मानसूनी पूर्व वर्षा होने की पूरी संभावना है, जबकि कुछ पॉकेट्स में चक्रवाती आंधी और वज्रपात का बड़ा अलर्ट जारी किया गया है।
ओलावृष्टि का संकट और तेज आंधी-तूफान की रफ्तार
मौसम विभाग (IMD) ने विशेष रूप से ग्रामीण और चुनिंदा शहरी इलाकों के लिए ओले गिरने की चेतावनी जारी की है। इस दौरान धूल भरी आंधी और अंधड़ की रफ्तार 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इतनी भीषण गति से चलने वाली हवाओं के कारण आम जनजीवन और यातायात व्यवस्था गंभीर रूप से चरमरा सकती है। कृषि वैज्ञानिकों और मौसम विभाग ने किसानों व खुले आसमान के नीचे काम करने वाले मजदूरों को विशेष सावधानी बरतने और कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखने की सलाह दी है, क्योंकि इस बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान पहुंच सकता है।
कई जनपदों में येलो अलर्ट और आपदा प्रबंधन की गाइडलाइंस
खराब मौसम की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश के दर्जनों जिलों में अगले 48 से 72 घंटों के लिए ‘येलो अलर्ट’ (Yellow Alert) प्रभावी कर दिया गया है। प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे प्रतिकूल मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से अपने घरों से बाहर कदम न रखें। इसके साथ ही, आकाशीय बिजली गिरने (Lightning Strike) और अंधड़ के समय किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए खुले मैदानों, बड़े पेड़ों, कच्चे मकानों और बिजली के ऊंचे खंभों या ट्रांसफार्मर से पर्याप्त दूरी बनाए रखने की सख्त हिदायत दी गई है।
तापमान में गिरावट और भीषण गर्मी से आंशिक राहत
लगातार चलने वाली ठंडी हवाओं और गरज-चमक के साथ होने वाली बौछारों के चलते पूरे प्रदेश के तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज किए जाने के आसार हैं। उत्तर प्रदेश के अधिकांश शहरों में अधिकतम तापमान (Maximum Temperature) में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की कमी आ सकती है, जिससे पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण और तपती गर्मी से त्रस्त जनता को बड़ी राहत मिलेगी। हालांकि, मौसमविदों ने यह भी सचेत किया है कि बारिश का दौर थमने के बाद हवा में नमी बढ़ने के कारण लोगों को अत्यधिक उमस (Humidity) का सामना करना पड़ सकता है।
दिल्ली-एनसीआर और सीमावर्ती इलाकों पर वायुमंडलीय असर
उत्तर प्रदेश की सीमाओं से सटे दिल्ली-एनसीआर (National Capital Region) के इलाकों में भी इस वायुमंडलीय उथल-पुथल का सीधा असर देखने को मिलेगा। दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम जैसे क्षेत्रों में दिनभर आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और कुछ चुनिंदा स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की बूंदाबांदी या बौछारें पड़ सकती हैं। मौसम केंद्र के आंकड़ों के मुताबिक, आने वाले तीन दिनों तक समूचे उत्तर भारत के मैदानी भागों में मौसम इसी तरह अस्थिर और परिवर्तनशील बना रहेगा।

