Noida Fire: उत्तर प्रदेश के हाईटेक शहर नोएडा के सेक्टर-74 स्थित ‘IVY काउंटी’ नामक पॉश सोसाइटी में शुक्रवार सुबह अचानक भीषण अग्निकांड होने से हड़कंप मच गया। यह रिहायशी आग सोसाइटी के दो अलग-अलग फ्लैटों में लगी, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। इस अचानक हुए हादसे के कारण पूरी सोसाइटी और आसपास के इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आग की गगनचुंबी लपटों को देखकर बड़ी संख्या में डरे-सहमे निवासी अपने-अपने घरों से बाहर निकल आए। घटना की भयावहता को देखते हुए स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस और फायर ब्रिगेड को दी। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां तुरंत मौके पर रवाना हो गईं और राहत व बचाव कार्य शुरू कर दिया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बयां किया आंखों देखा हाल
घटनास्थल पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, फ्लैटों से उठने वाली लपटें इतनी तेज थीं कि कुछ ही मिनटों के भीतर आग ने भयावह रूप ले लिया। इसके चलते घटनास्थल के आसपास की हवा में दमघोंटू और घना धुआं फैल गया, जिसके गुबार को कई किलोमीटर दूर से भी साफ देखा जा सकता था। जलती हुई इमारतों और मलबे को देखकर सोसाइटी के परिवारों में दहशत फैल गई और लोग अपने बच्चों व बुजुर्गों को लेकर सुरक्षित ठिकानों की तरफ भागते हुए नजर आए। इस आपातकालीन स्थिति की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस बल और प्रशासनिक आला अधिकारी भी दलबल के साथ मौके पर पहुंच गए और पूरे राहत एवं बचाव कार्य की कमान अपने हाथों में ले ली।
सुरक्षा बलों ने खाली कराए आसपास के रिहायशी अपार्टमेंट
आग को और ज्यादा फैलने से रोकने के लिए सोसाइटी के सुरक्षा कर्मियों ने त्वरित सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत इमरजेंसी अलर्ट जारी कर दिया। लाउडस्पीकर और अलार्म के जरिए निवासियों को बिना पैनिक किए सुरक्षित स्थानों पर जाने की हिदायत दी गई। मौके पर पहुंचे दमकल कर्मियों ने सबसे पहले आग की घेराबंदी की ताकि वह पड़ोसी अपार्टमेंट्स को अपनी चपेट में न ले सके। एहतियात के तौर पर प्रभावित ब्लॉक और उसके आसपास के सभी फ्लैटों को आनन-फानन में पूरी तरह खाली करा लिया गया। इसके बाद दमकल की टीमों ने अत्याधुनिक उपकरणों की मदद से भारी मशक्कत करते हुए ‘फायर फाइटिंग ऑपरेशन’ को तेजी से आगे बढ़ाया।
शॉर्ट सर्किट की आशंका, तकनीकी खराबी को लेकर जांच शुरू
प्राथमिक जानकारी के अनुसार, फिलहाल इस भीषण अग्निकांड के सटीक कारणों का पता नहीं चल पाया है। शुरुआती कयासों के आधार पर इसे बिजली के शॉर्ट सर्किट या किसी घरेलू उपकरण में आई तकनीकी खराबी का नतीजा माना जा रहा है। हालांकि, मौके पर मौजूद जांच अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि फॉरेंसिक और टेक्निकल टीम की विस्तृत जांच पूरी होने के बाद ही आग लगने की वास्तविक वजह साफ हो पाएगी। दमकल विभाग की मुस्तैद टीमें हाई-प्रेशर वॉटर कैनन के जरिए आग पर पूरी तरह से नियंत्रण पाने और कूलिंग प्रोसेस को पूरा करने के लिए लगातार जुटी हुई हैं।
किसी के हताहत होने की खबर नहीं
राहत की बात यह है कि इस भयंकर हादसे के दौरान अब तक किसी भी व्यक्ति के हताहत होने या गंभीर रूप से झुलसने की कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है। फिर भी, किसी भी संभावित आपात स्थिति या दम घुटने जैसी समस्या से निपटने के लिए एहतियात के तौर पर एम्बुलेंस और डॉक्टरों की विशेष मेडिकल टीमों को घटनास्थल पर स्टैंडबाय पर तैनात रखा गया है। जिला प्रशासन ने स्थानीय नागरिकों और सोशल मीडिया यूजर्स से अपील की है कि वे इस घटना को लेकर किसी भी प्रकार की भ्रामक खबरों या अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल जिला प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
हाई-राइज सोसायटियों में फायर सेफ्टी मानकों पर उठे गंभीर सवाल
इस बड़ी घटना ने एक बार फिर दिल्ली-एनसीआर की ऊंची आवासीय सोसायटियों (High-Rise Buildings) में लगे फायर सिक्योरिटी सिस्टम और उनकी कार्यप्रणाली पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि कई बार आपातकालीन उपकरण समय पर काम नहीं करते हैं। स्थानीय प्रशासन और मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) ने स्पष्ट किया है कि आग पर पूरी तरह काबू पाने और कूलिंग ऑपरेशन खत्म होने के बाद एक विस्तृत तकनीकी जांच की जाएगी। इस जांच में यह पता लगाया जाएगा कि क्या सोसाइटी के भीतर सुरक्षा मानकों और एनओसी (NOC) के नियमों में कोई लापरवाही बरती गई थी। यदि कोई दोषी पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

