लखनऊ (12 जून, 2026): उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के इको गार्डन में नीट पेपर लीक और विभिन्न सरकारी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ चल रहा छात्रों का विरोध प्रदर्शन आज शुक्रवार को बेहद संवेदनशील मोड़ पर पहुंच गया। अखिल भारतीय छात्र संगठन (AISA) के बैनर तले आयोजित इस प्रस्तावित छात्र आंदोलन ने उस समय अचानक भारी सियासी रंग ले लिया, जब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रमुख अभिजीत दीपके (Abhijeet Deepke) अपने समर्थकों के साथ धरना स्थल पर पहुंचे। प्रशासन द्वारा पहले ही इस विरोध प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार किए जाने के बावजूद, इको गार्डन में हजारों की संख्या में अभ्यर्थी और छात्र डटे हुए हैं।
छावनी में तब्दील हुआ इको गार्डन
नीट (NEET) परीक्षा में धांधली, यूपीएसआई (UPSI) स्कोर कार्ड तुरंत जारी करने और राज्य की सभी भर्ती प्रक्रियाओं में पूर्ण पारदर्शिता लाने की मांगों को लेकर सुबह से ही भारी संख्या में छात्र-छात्राएं पोस्टर और बैनर लेकर इको गार्डन पहुंचने लगे। छात्रों के बढ़ते हुजूम और सुरक्षा व्यवस्था की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल कड़ा रुख अख्तियार किया।
मौजूदा तनावपूर्ण हालातों को नियंत्रित करने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे इको गार्डन क्षेत्र को सुरक्षा बलों द्वारा छावनी में बदल दिया गया है। मौके पर स्थानीय पुलिस बल के साथ-साथ प्रांतीय आर्म्ड कांस्टेबुलरी (PAC) और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के 1500 से अधिक मुस्तैद जवानों को तैनात किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शहर में बिना अनुमति किसी भी प्रकार के बड़े जमावड़े या कानून व्यवस्था को हाथ में लेने की इजाजत किसी को नहीं दी जाएगी।
आंदोलन में राजनीतिक हस्तक्षेप पर भड़के छात्र
धरना स्थल पर ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के नेतृत्व में छात्र शांतिपूर्ण तरीके से सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे, लेकिन दोपहर के वक्त कॉकरोच जनता पार्टी के प्रमुख अभिजीत दीपके की एंट्री ने आंदोलन की दिशा बदल दी। दीपके हाथ में भारत के संविधान की किताब लेकर प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचे और छात्रों को संविधान की प्रति दिखाई। इस दौरान वहां मौजूद कुछ लोगों में उनके साथ सेल्फी लेने की होड़ भी दिखाई दी, लेकिन दूसरी तरफ इस राजनीतिक दखलअंदाजी ने प्रदर्शनकारी छात्रों के भीतर ही गहरे असंतोष और गुटबाजी को जन्म दे दिया।
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे कई छात्र गुटों और अभ्यर्थियों ने इस राजनीतिक एंट्री का खुलकर विरोध किया। प्रयागराज से आए एक पीड़ित छात्र ने मीडिया से बात करते हुए साफ कहा, “हमारा यह आंदोलन पूरी तरह से गैर-राजनीतिक है। हम यहां सिर्फ अपने हक, निष्पक्ष परीक्षा और पेपर लीक के खिलाफ लड़ने आए हैं। किसी भी राजनीतिक दल या नेता के इस मंच पर आने से हमारा मुख्य उद्देश्य भटक जाएगा और सरकार को हमारे इस पवित्र आंदोलन को दबाने या कमजोर करने का सीधा मौका मिल जाएगा।” कई छात्रों ने सोशल मीडिया पर वीडियो संदेश जारी कर सीजेपी प्रमुख से छात्रों के मंच से तुरंत दूरी बनाने की अपील की है।
एयरपोर्ट पर सीजेपी प्रमुख का बयान
एक तरफ जहाँ छात्र आंदोलन को गैर-राजनीतिक रखने की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कॉकरोच जनता पार्टी के प्रमुख अभिजीत दीपके ने लखनऊ एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत में अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा, “छात्रों के समर्थन में शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन में शामिल होना मेरा संवैधानिक अधिकार है। हमारी पार्टी पहले भी दिल्ली और पुणे में पूरी तरह अनुशासित और शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर चुकी है। हम लखनऊ में भी स्थानीय प्रशासन के सभी नियमों और सुरक्षा व्यवस्था का पूरा पालन करेंगे।”
हालांकि, पुलिस प्रशासन इस पूरे घटनाक्रम पर बेहद सख्त नजर आ रहा है। लखनऊ पुलिस के आला अधिकारियों के अनुसार, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रतिनिधि विवेक कुमार की ओर से इस प्रदर्शन की आधिकारिक अनुमति के लिए आवेदन दिया गया था, जिसे सुरक्षा कारणों और कानून व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए पहले ही पूरी तरह से खारिज (अस्वीकार) कर दिया गया था। इसके बावजूद नियमों को ताक पर रखकर भीड़ इकट्ठा की गई। पुलिस ड्रोन कैमरों और खुफिया इनपुट के जरिए इको गार्डन की हर गतिविधि पर नजर रख रही है और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की तैयारी में है।

