Anti Paper Leak Bill: लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर बल प्रयोग किया गया और सरकार को इस पर जवाब देना चाहिए। प्रियंका गांधी ने कहा कि देश के युवाओं की आवाज दबाने के बजाय उनकी समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार छात्रों से आखिर क्यों डरती है और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के बजाय विरोध करने वालों पर कार्रवाई क्यों की गई।
पेपर लीक विरोध प्रदर्शन और छात्रों पर कार्रवाई को लेकर सरकार पर सवाल
पेपर लीक विरोध प्रदर्शन का जिक्र करते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कि छात्रों पर पैलेट गन और अन्य बल प्रयोग की आवश्यकता क्यों पड़ी। उन्होंने पूछा कि इस तरह की कार्रवाई का आदेश किसने दिया और इसके लिए जवाबदेही तय होनी चाहिए। कांग्रेस सांसद ने कहा कि पूरे देश के छात्र और अभिभावक इस मामले में जवाब चाहते हैं। उनके अनुसार, छात्रों की पीड़ा को नजरअंदाज करना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था पर चिंता
पेपर लीक मामले को लेकर प्रियंका गांधी ने कहा कि मौजूदा परीक्षा प्रणाली छात्रों के भविष्य को प्रभावित कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि छात्र निष्पक्ष परीक्षा और कार्रवाई की मांग करते हैं तो इसमें कुछ भी गलत नहीं है। उनके अनुसार, प्रदर्शन कर रहे छात्र शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रख रहे थे, लेकिन उनके साथ सख्ती बरती गई। उन्होंने सरकार से पूछा कि छात्रों पर बल प्रयोग का निर्णय किस स्तर पर लिया गया।
नीट परीक्षा, शिक्षा बजट और परीक्षा प्रणाली पर सरकार को घेरा
नीट परीक्षा और पेपर लीक विवाद का उल्लेख करते हुए प्रियंका गांधी ने सरकार की शिक्षा नीति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि शिक्षा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर आर्थिक संसाधन जुटाए जाते हैं, लेकिन परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं हो पा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा से जुड़े मूलभूत सुधारों के बजाय जनसंपर्क गतिविधियों पर अधिक ध्यान दे रही है। साथ ही उन्होंने पूर्व शिक्षा मंत्री के स्वागत का उल्लेख करते हुए कहा कि परीक्षा विवादों के बीच सरकार का यह रवैया कई सवाल खड़े करता है।
पेपर लीक मामलों में सख्त कार्रवाई की मांग
पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली को लेकर प्रियंका गांधी ने दावा किया कि पिछले वर्षों में कई बार प्रश्नपत्र लीक होने की घटनाएं सामने आईं, जिससे लाखों छात्र प्रभावित हुए। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई और सजा सुनिश्चित करना आवश्यक है, ताकि छात्रों का विश्वास बहाल हो सके। उन्होंने आरोप लगाया कि रोजगार से जुड़े कई क्षेत्रों में भी सरकार की नीतियों का असर पड़ा है, जिससे युवाओं की चिंता बढ़ी है।
एंटी पेपर लीक बिल पर कांग्रेस की आपत्ति
एंटी पेपर लीक बिल पर अपनी बात समाप्त करते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कि केवल नई समितियां बनाने या कानून में संशोधन करने से समस्या का समाधान नहीं होगा। उन्होंने सरकार को शिक्षा क्षेत्र में योग्य और अनुभवी विशेषज्ञों की भागीदारी बढ़ाने की सलाह दी। कांग्रेस सांसद का कहना था कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए व्यापक सुधारों की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी कहा कि देश के युवा तथ्यों और परिणामों के आधार पर सरकार का मूल्यांकन करेंगे, इसलिए शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करना समय की सबसे बड़ी जरूरत है।

