Monsoon Session: संसद का मानसून सत्र जारी है और इसी बीच संसद परिसर में एक दिलचस्प राजनीतिक नजारा देखने को मिला। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी और टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी हंसी-मजाक के साथ बातचीत करते नजर आए। दोनों नेताओं के बीच बातचीत का केंद्र पश्चिम बंगाल की राजनीति, ममता बनर्जी और कांग्रेस के पुराने रिश्ते रहे। यह अनौपचारिक चर्चा उस समय हुई, जब टीएमसी सांसद नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में शामिल हुए नेताओं के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे।
टीएमसी नेता कल्याण बनर्जी ने कांग्रेस की पश्चिम बंगाल में स्थिति पर उठाए सवाल
बातचीत के दौरान कल्याण बनर्जी ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में कांग्रेस की राजनीतिक स्थिति काफी कमजोर हो चुकी थी। उन्होंने कहा कि इसी वजह से कई नेता तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुए। उन्होंने यह भी कहा कि जो नेता कांग्रेस छोड़कर टीएमसी में आए, वे कांग्रेस के चुनाव चिह्न पर सांसद बनकर संसद नहीं पहुंचे थे। कल्याण बनर्जी ने अपने राजनीतिक अतीत का जिक्र करते हुए बताया कि वह कभी यूथ कांग्रेस के उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं।
पप्पू यादव की मौजूदगी में ममता बनर्जी और कांग्रेस के रिश्तों पर हुई चर्चा
बातचीत के दौरान निर्दलीय सांसद पप्पू यादव भी वहां पहुंचे और उन्होंने टिप्पणी करते हुए कहा कि उस समय टीएमसी में जाने वाले नेता मूल रूप से कांग्रेस से ही जुड़े थे। इस पर कल्याण बनर्जी ने जवाब दिया कि वे भी कभी कांग्रेस का हिस्सा थे। इसके बाद उन्होंने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि पार्टी के भीतर हुए घटनाक्रम ने ममता बनर्जी को अलग रास्ता चुनने के लिए मजबूर किया। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि ममता बनर्जी को कांग्रेस में उचित स्थान मिला होता तो शायद पार्टी की स्थिति आज अलग होती।
प्रियंका गांधी ने राजीव गांधी और ममता बनर्जी के पुराने संबंधों का किया जिक्र
कल्याण बनर्जी की बातों का जवाब देते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ममता बनर्जी का हमेशा सम्मान करते थे और उनके प्रति विशेष स्नेह रखते थे। बातचीत के दौरान माहौल हल्का बना रहा और दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक मतभेदों के बावजूद सौहार्दपूर्ण संवाद देखने को मिला। इस दौरान संसद परिसर में मौजूद अन्य सांसद भी इस अनौपचारिक चर्चा के साक्षी बने।
टीएमसी का विरोध प्रदर्शन और ‘गद्दार’ नेताओं का मुद्दा भी उठा
विरोध प्रदर्शन के दौरान कल्याण बनर्जी ने उन नेताओं की तस्वीरें भी दिखाई, जो कथित तौर पर टीएमसी छोड़कर नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में शामिल हुए हैं। उन्होंने इन नेताओं को ‘गद्दार’ बताते हुए कहा कि ऐसे लोग अब संसद के भीतर बैठे हैं। इस पर प्रियंका गांधी ने मुस्कुराते हुए तंज कसते हुए कहा कि कुछ नेता पहले कांग्रेस छोड़कर टीएमसी में गए और बाद में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का हिस्सा बन गए। इस टिप्पणी के बाद वहां मौजूद नेताओं के बीच हल्की मुस्कान और राजनीतिक नोकझोंक का माहौल देखने को मिला।
मानसून सत्र के बीच कल्याण बनर्जी का निलंबन भी चर्चा में
गौरतलब है कि टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी को 22 जुलाई को लोकसभा के मानसून सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया था। उन पर सदन के भीतर नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) के सदस्यों के साथ तीखी बहस के दौरान महिला सांसदों के खिलाफ कथित रूप से अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगा था। इसी कारण उनका निलंबन भी राजनीतिक चर्चाओं का विषय बना हुआ है।
मानसून सत्र में राजनीतिक बयानबाजी के बीच अनौपचारिक संवाद ने खींचा ध्यान
संसद के मानसून सत्र में जहां एक ओर विभिन्न मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस जारी है, वहीं दूसरी ओर संसद परिसर में नेताओं के बीच ऐसे अनौपचारिक संवाद भी राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन रहे हैं। प्रियंका गांधी, कल्याण बनर्जी और पप्पू यादव के बीच हुई यह बातचीत राजनीतिक मतभेदों के बावजूद लोकतांत्रिक संवाद और व्यक्तिगत सौहार्द की एक अलग तस्वीर पेश करती है।

