UP News: कानपुर में आयोजित ‘प्राकृतिक खेती कार्यशाला-2026’ में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कृषि, गो-संरक्षण, स्वास्थ्य और अर्थव्यवस्था के अंतर्संबंधों पर विस्तार से अपनी बात रखी। उन्होंने साफ किया कि गोमाता और प्राकृतिक खेती भारत के सशक्तिकरण का मुख्य आधार हैं।
इस कार्यक्रम से जुड़ी प्रमुख बातें और मुख्यमंत्री के संबोधन के मुख्य अंश निम्नलिखित हैं:
गोमाता की रक्षा और सनातन धर्म का संकल्प
मुख्यमंत्री योगी ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कुछ लोग गाय का दूध पीकर उसे बेसहारा छोड़ देते हैं और फसल नुकसान होने पर सरकार को दोष देते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि गोमाता को कतई कटने नहीं दिया जाएगा। सिख गुरुओं के इतिहास का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा और गो-संरक्षण सनातन धर्म का अभिन्न हिस्सा है। गोमाता आधारित खेती से कृषि को ताकत मिलेगी और गो-रक्षा भी होगी।
विदेशी नकल से अर्थव्यवस्था का पतन और आत्मनिर्भर भारत
भारत के गौरवशाली अतीत को याद करते हुए सीएम ने बताया कि 2000 साल पहले वैश्विक अर्थव्यवस्था (Global Economy) में भारत की हिस्सेदारी 44 प्रतिशत थी, जो विदेशियों की नकल और गुलामी के कारण आजादी तक मात्र 2% रह गई। हालांकि, उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने एक बार फिर किसानों, युवाओं और मातृशक्ति पर भरोसा जताया है, जिससे भारत आज दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है।
किसानों का उत्थान: एमएसपी (MSP) और कृषि योजनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2004 से 2014 के बीच लागत ज्यादा और आय कम होने के कारण लाखों किसानों ने आत्महत्या की। लेकिन मोदी सरकार ने आजाद भारत में पहली बार लागत का डेढ़ गुना मूल्य देने की गारंटी दी। सॉइल हेल्थ कार्ड, फसल बीमा, सिंचाई योजना और भारी सब्सिडी वाले उर्वरकों (Fertilizers) के जरिए किसानों की स्थिति को मजबूत किया गया है।
रासायनिक खेती से बीमारियां और प्राकृतिक कृषि (Natural Farming) के फायदे
सीएम योगी ने रासायनिक खादों और कीटनाशकों (Pesticides) को गंभीर बीमारियों (किडनी खराब होना, लिवर सिरोसिस, डायबिटीज) का मुख्य कारण बताया। उन्होंने किसानों से ‘जहर मुक्त खेती’ अपनाने की अपील की। गो-आधारित प्राकृतिक खेती करने से न केवल स्वास्थ्य बेहतर होगा, बल्कि किसानों के प्रति एकड़ 10 से 12 हजार रुपये की बचत भी होगी।
34 जनपदों में ‘प्राकृतिक खेती’ का विस्तार और गोवंश संरक्षण
उत्तर प्रदेश के 34 जिलों (विशेषकर गंगा किनारे और बुंदेलखंड) में प्राकृतिक खेती को बड़े पैमाने पर अपनाया जा रहा है। सरकार उत्पादों की पैकेजिंग, सर्टिफिकेशन और मार्केटिंग पर काम कर रही है। इसके साथ ही, प्रदेश की 7700 गोशालाओं में 14 लाख गोवंश सुरक्षित हैं। ‘मुख्यमंत्री सहभागिता योजना’ के तहत किसानों को गोवंश पालने के लिए 1500 रुपये प्रति गाय (प्रतिमाह) की आर्थिक मदद दी जा रही है।
ऊर्जा आत्मनिर्भरता (Ethanol Production) और विपक्ष पर प्रहार
सीएम योगी ने किसानों से पराली जलाने के बजाय बायोगैस और एथेनॉल (Ethanol) उत्पादन में योगदान देने की अपील की, ताकि भारत ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सके। अंत में विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि वैश्विक संकट के दौर में भी भारत मजबूती से खड़ा रहा और महंगाई पर नियंत्रण रखा, जबकि विपक्ष का काम केवल बिना वजह ‘चिल्लाना’ है।

