उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर सियासी भूचाल आने के संकेत मिल रहे हैं। विपक्षी खेमे में जारी आंतरिक कलह और बिखराव के बीच सूबे के उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने एक बड़ा और चौंकाने वाला दावा किया है। डिप्टी सीएम मौर्य के मुताबिक, मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (सपा) के भीतर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है और पार्टी बहुत जल्द बिखर सकती है। मीडियाकर्मियों से मुखातिब होते हुए उन्होंने दावा किया कि सपा के करीब 25 से 26 सांसद पाला बदलने के लिए पूरी तरह से तैयार बैठे हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) उनकी पार्टी को नहीं तोड़ रही है, बल्कि आगामी विधानसभा चुनाव से ठीक पहले सपा के नेता अपनी ही पार्टी से मोहभंग होने के कारण खुद-ब-खुद टूटकर अलग हो जाएंगे।
राम मंदिर दान विवाद पर सख्त रुख
अयोध्या के राम मंदिर दान घोटाले को लेकर चल रही सियासी बयानबाजी के बीच उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अपनी बात बेहद मजबूती से रखी। उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि आस्था के केंद्र से दानपात्र का पैसा गलत तरीके से हड़पने वाला कोई भी व्यक्ति कभी सुखी नहीं रह सकता; उसे अपने बुरे कर्मों का फल इसी जनम में भुगतना पड़ेगा। हनुमान जी पर अपनी अगाध आस्था प्रकट करते हुए उन्होंने कहा कि ‘बजरंगबली सब ठीक करेंगे।’ इस कथित घोटाले पर विधिक रुख स्पष्ट करते हुए डिप्टी सीएम ने कहा कि वर्तमान में इस पूरे मामले की गहन जांच चल रही है और तफ्तीश की रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
कानून व्यवस्था पर जीरो टॉलरेंस नीति
केशव प्रसाद मौर्य ने सूबे की कानून व्यवस्था और पारदर्शिता पर बोलते हुए सरकार के संकल्प को दोहराया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले में एफआईआर (FIR) दर्ज करने की आवश्यकता जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही तय होगी। उत्तर प्रदेश सरकार की अपराध और भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ (शून्य सहनशीलता) की नीति पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि इस घोटाले में संलिप्त किसी भी दोषी या रसूखदार व्यक्ति को कतई बख्शा नहीं जाएगा। उपमुख्यमंत्री के इस कड़े रुख और बयान के बाद जहां स्थानीय प्रशासन की विशेष जांच टीमें पूरी तरह सक्रिय हो गई हैं, वहीं विपक्षी दलों ने भी इस मामले में पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग को तेज कर दिया है।
मोदी सरकार के शानदार 12 साल
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने राजधानी में आयोजित ‘विकसित भारत संकल्प सम्मेलन’ में शिरकत की। इस भव्य मंच से उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में केंद्र सरकार के सफलतम 12 वर्ष पूरे होने पर देश में हुए ऐतिहासिक बदलावों और जनकल्याणकारी योजनाओं की लंबी फेहरिस्त गिनाई। उन्होंने गर्व से कहा कि इन पिछले 12 सालों में भारत ने चौतरफा विकास, जन-जन के विश्वास और आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में अभूतपूर्व तथा ऐतिहासिक प्रगति हासिल की है, जिसने देश की तकदीर और तस्वीर दोनों को बदल कर रख दिया है।
अंत्योदय और महिला सशक्तिकरण का संकल्प
अपने संबोधन के समापन सत्र में उपमुख्यमंत्री ने केंद्र और राज्य सरकार की मूल प्राथमिकताओं को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि देश के अंतिम पायदान पर खड़े गरीब का कल्याण, युवाओं का सशक्तिकरण, अन्नदाता किसानों की समृद्धि और आधी आबादी यानी नारी शक्ति की सुरक्षा व आत्मनिर्भरता ही सरकार के सुशासन का मुख्य आधार हैं। मौर्य के अनुसार, सरकार द्वारा उठाए गए इन दूरदर्शी और कल्याणकारी कदमों के कारण ही आज भारत अंतरराष्ट्रीय और वैश्विक मंच पर एक बेहद मजबूत और आर्थिक रूप से सुदृढ़ महाशक्ति के रूप में उभर रहा है।

