PM Modi vs Sanjay Singh: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इंस्टाग्राम पर साझा किए गए एक वीडियो के बाद राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। वीडियो में प्रधानमंत्री ने कहा कि नीट पेपर लीक के विरोध में जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान न केवल उनके खिलाफ बल्कि उनकी दिवंगत मां के लिए भी अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया। इस बयान के सामने आते ही विपक्षी दलों की ओर से प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री के बयान पर सवाल उठाते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी।
संजय सिंह का पीएम मोदी पर पलटवार
संजय सिंह ने प्रधानमंत्री की मां को सम्मानपूर्वक नमन करते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति की मां का अपमान नहीं होना चाहिए। हालांकि उन्होंने सवाल उठाया कि यदि प्रधानमंत्री अपनी मां के सम्मान की बात करते हैं तो क्या अन्य नेताओं और राजनीतिक दलों से जुड़ी महिलाओं का सम्मान भी समान रूप से नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजनीतिक बहस के दौरान महिलाओं के प्रति अपमानजनक भाषा का प्रयोग किसी भी पक्ष से स्वीकार्य नहीं होना चाहिए।
पीएम मोदी के बयान पर संजय सिंह का जवाब
आम आदमी पार्टी सांसद ने कहा कि किसी को भी मां या बहन के नाम पर अपशब्द कहना गंभीर और निंदनीय है। उन्होंने आरोप लगाया कि अतीत में देश के प्रमुख संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों के खिलाफ भी सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर अभद्र टिप्पणियां की गईं। संजय सिंह ने कहा कि इस तरह की भाषा लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है और सभी राजनीतिक दलों को इससे बचना चाहिए।
संजय सिंह का दावा, भाजपा समर्थकों से मिलती हैं धमकियां और आपत्तिजनक कॉल
संजय सिंह ने प्रधानमंत्री मोदी को संबोधित करते हुए कहा कि वह उनकी पार्टी, नीतियों और विचारधारा का राजनीतिक विरोध करते हैं, लेकिन व्यक्तिगत स्तर पर अपमानजनक भाषा का समर्थन नहीं करते। उन्होंने दावा किया कि उन्हें रोजाना फोन कॉल और सोशल मीडिया के माध्यम से मां-बहन की गालियां दी जाती हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कई बार उन्हें जान से मारने और पेट्रोल डालकर जला देने जैसी धमकियां भी मिलती हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि यदि एक दिन उनका मोबाइल देखा जाए तो ऐसी टिप्पणियों और संदेशों की वास्तविकता सामने आ जाएगी।
सोशल मीडिया की भाषा और राजनीतिक माहौल पर संजय सिंह ने उठाए सवाल
संजय सिंह ने कहा कि सोशल मीडिया पर किसी भी राजनीतिक टिप्पणी के बाद उनके खिलाफ बड़ी संख्या में अभद्र और अपमानजनक प्रतिक्रियाएं आती हैं। उनका आरोप है कि इस तरह की भाषा समाज में नफरत और असहिष्णुता को बढ़ावा देती है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ लोकतंत्र में वैचारिक मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन व्यक्तिगत हमले और महिलाओं के खिलाफ अपमानजनक भाषा किसी भी स्थिति में उचित नहीं मानी जा सकती।
पीएम मोदी पर संजय सिंह का आरोप, राजनीतिक संस्कृति और सार्वजनिक मर्यादा पर बहस
अपने बयान के अंत में संजय सिंह ने आरोप लगाया कि देश की राजनीतिक संस्कृति में लगातार गिरावट आई है। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी से लेकर कई संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों तक के खिलाफ अभद्र टिप्पणियां देखने को मिली हैं। उन्होंने मुख्य न्यायाधीश और अन्य सार्वजनिक हस्तियों के साथ हुई घटनाओं का भी उल्लेख किया। संजय सिंह ने कहा कि राजनीतिक मतभेद लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन सार्वजनिक जीवन में भाषा की मर्यादा बनाए रखना सभी राजनीतिक दलों और उनके समर्थकों की साझा जिम्मेदारी है

