E20 Petrol: आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को नई दिल्ली स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में ‘E20 के खिलाफ राष्ट्रीय टाउन हॉल’ कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों ने हिस्सा लिया। मंच पर प्रसिद्ध कॉमेडियन श्याम रंगीला भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान E20 पेट्रोल के उपयोग और उससे जुड़े प्रभावों को लेकर चर्चा की गई।
E20 पेट्रोल और वाहन माइलेज पर केंद्र सरकार को घेरा
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार E20 पेट्रोल को लेकर स्पष्ट रुख नहीं अपना रही है। उन्होंने कहा कि कभी इसे पूरी तरह सुरक्षित बताया जाता है और कभी अलग-अलग दावे किए जाते हैं। केजरीवाल ने सवाल उठाया कि यदि E20 पेट्रोल से वाहन की माइलेज प्रभावित हो रही है तो सरकार इसे अनिवार्य बनाने की दिशा में क्यों बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि इस विषय पर वैज्ञानिक तथ्यों और अध्ययन को सार्वजनिक किया जाना चाहिए।
E20 पेट्रोल विवाद पर सरकार से रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग
अरविंद केजरीवाल ने दावा किया कि E20 पेट्रोल को लेकर सामने आए एक सर्वे में बड़ी संख्या में वाहन मालिकों ने माइलेज कम होने और इंजन पर असर पड़ने की शिकायत की है। उन्होंने कहा कि यदि ऐसे दावे सामने आ रहे हैं तो सरकार को अपनी आधिकारिक रिपोर्ट और अध्ययन सार्वजनिक करने चाहिए। उनके अनुसार, पारदर्शिता बनाए रखने के लिए विशेषज्ञों और आम नागरिकों के सामने सभी तथ्य रखे जाने चाहिए, ताकि लोग स्वयं सही निर्णय ले सकें।
E20 पेट्रोल पर सवाल उठाने वालों को डराने का आरोप
आप प्रमुख ने आरोप लगाया कि E20 पेट्रोल के खिलाफ सवाल उठाने वाले लोगों पर दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार को अपने फैसले पर भरोसा है तो उसे खुले मंच पर बहस करनी चाहिए। केजरीवाल ने कहा कि किसी भी नीति को लागू करने से पहले उसके प्रभावों पर व्यापक चर्चा और वैज्ञानिक मूल्यांकन जरूरी है। उन्होंने आशंका जताई कि भविष्य में E30 जैसे ईंधन भी इसी तरह लागू किए जा सकते हैं।
29 वाहन कंपनियों को भेजे पत्र, E20 पेट्रोल पर मांगा जवाब
अरविंद केजरीवाल ने बताया कि उन्होंने देश की 29 वाहन निर्माता कंपनियों को पत्र लिखकर दो अहम सवाल पूछे हैं। पहला, क्या वर्ष 2023 से पहले निर्मित वाहनों में E20 पेट्रोल का सुरक्षित उपयोग किया जा सकता है? दूसरा, यदि E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से वाहन की माइलेज कम होती है या इंजन को नुकसान पहुंचता है, तो क्या संबंधित कंपनियां इसकी जिम्मेदारी लेंगी? उन्होंने कहा कि इन सवालों के स्पष्ट जवाब से वाहन मालिकों की चिंताओं का समाधान हो सकेगा।
E20 पेट्रोल बहस के बीच सरकार और विपक्ष आमने-सामने
E20 पेट्रोल को लेकर केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच बहस तेज होती दिखाई दे रही है। जहां सरकार इस ईंधन को ऊर्जा सुरक्षा और जैव ईंधन नीति के लिहाज से महत्वपूर्ण मानती है, वहीं विपक्ष इसके प्रभावों पर अधिक पारदर्शिता और वैज्ञानिक अध्ययन सार्वजनिक करने की मांग कर रहा है। आने वाले समय में इस मुद्दे पर सरकार और वाहन निर्माता कंपनियों की प्रतिक्रिया पर सभी की नजर रहेगी।

