नई दिल्ली: देश में नीट (NEET) पेपर लीक और परीक्षा विसंगतियों को लेकर मचा बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस बीच, छात्रों की आत्महत्या के बढ़ते मामलों ने देश को झकझोर कर रख दिया है। इसी गंभीर संकट को लेकर अब ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के प्रमुख अभिजीत दीपके ने सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने देश की शिक्षा व्यवस्था की विफलताओं को उजागर करते हुए पीड़ित परिवारों के लिए भारी मुआवजे और जवाबदेही तय करने की एक बड़ी मांग रख दी है, जिससे इस संवेदनशील मुद्दे पर सियासी सरगर्मी और तेज हो गई है।
नीट अभ्यर्थियों की आत्महत्या पर अभिजीत दीपके ने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिख जताई गहरी चिंता
कॉकरोच जनता पार्टी के मुखिया अभिजीत दीपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित पत्र में बेहद भावुक और कड़ा रुख अपनाया है। दीपके ने लिखा कि वे बेहद भारी मन से देश के सर्वोच्च नेता का ध्यान एक ऐसे गंभीर संकट की ओर खींच रहे हैं, जो सीधे भारत के भविष्य यानी युवा छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और उनके जीवन को लील रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) को लेकर लगातार सामने आ रहे विवादों और पेपर लीक की घटनाओं ने युवा मन पर ऐसा घातक मानसिक दबाव बनाया है कि वे आत्मघाती कदम उठाने को मजबूर हो रहे हैं।
पिछले एक हफ्ते में 11 NEET उम्मीदवारों ने किया सुसाइड
अभिजीत दीपके ने अपने पत्र में बेहद चौंकाने वाले और डराने वाले आंकड़े साझा किए हैं। उन्होंने दावा किया कि देश में पिछले महज एक सप्ताह के भीतर 11 नीट परीक्षार्थियों ने मानसिक तनाव के कारण आत्महत्या जैसा खौफनाक कदम उठाया है। सबसे ज्यादा विचलित करने वाली बात यह है कि इन 11 मामलों में से पांच घटनाएं पिछले 48 घंटों के भीतर दर्ज की गई हैं। दीपके के अनुसार, बार-बार परीक्षा प्रणालियों में होने वाली गड़बड़ियों और पेपर लीक के विवादों ने परीक्षा तंत्र से छात्रों का भरोसा पूरी तरह उठा दिया है, जिससे युवा गहरे अवसाद में चले गए हैं।
आर्थिक बर्बादी और भारी कर्ज झेल रहे पीड़ित परिवारों के लिए ₹1 करोड़ के मुआवजे की बड़ी मांग
अपने पत्र में दीपके ने उन पीड़ित परिवारों की बदहाली का भी जिक्र किया है, जिन्होंने अपने बच्चों को खोया है। उन्होंने बताया कि पिछले दो महीनों में उन्होंने व्यक्तिगत रूप से कई शोकग्रस्त परिवारों से मुलाकात की है। ये परिवार न केवल अपने बच्चों को खोने के असहनीय भावनात्मक आघात से गुजर रहे हैं, बल्कि आर्थिक रूप से भी पूरी तरह तबाह हो चुके हैं। बेहतर भविष्य के सपने देखते हुए इन गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों ने भारी-भरकम शैक्षिक ऋण (Education Loan) ले रखे थे, जो व्यवस्था की विफलता के कारण उनके बच्चों की मौत के साथ ही बोझ बन गए हैं। दीपके ने मांग की है कि सरकार को तत्काल राहत देते हुए पेपर लीक और परीक्षा संकट के कारण सुसाइड करने वाले हर छात्र के परिवार को एक-एक करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता देनी चाहिए।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे या बर्खास्तगी को लेकर देशव्यापी विरोध की चेतावनी
इस व्यवस्थागत विफलता के लिए जवाबदेही तय करने की मांग करते हुए कॉकरोच जनता पार्टी के प्रमुख ने सीधे केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर निशाना साधा है। दीपके ने प्रधानमंत्री से मांग की है कि शिक्षा व्यवस्था के इस पतन और कुप्रबंधन को देखते हुए धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल उनके पद से बर्खास्त किया जाए या उनका इस्तीफा लिया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी पिछले एक महीने से इस मांग को लेकर देशव्यापी स्तर पर विरोध प्रदर्शन कर रही है और जब तक छात्रों की सुरक्षा और जानमाल के नुकसान की जवाबदेही तय नहीं होती, तब तक यह लड़ाई जारी रहेगी।

