Ram Mandir row:: अयोध्या स्थित भव्य राम मंदिर में चढ़ावे और चंदे की राशि को लेकर चल रहे राजनीतिक घमासान के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी पहली आधिकारिक और बेहद कड़ी प्रतिक्रिया दी है। अयोध्या में आयोजित राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय एवं चिकित्सालय के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी ने विपक्ष के आरोपों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि सरकार ने राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर पहले ही एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर दिया है, जो पूरी पारदर्शिता के साथ सच को सामने लेकर आएगा।
राम मंदिर चढ़ावा मामले में साक्ष्यों पर बोले सीएम योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में देश और प्रदेश की जनता से अपील की कि वे अयोध्या धाम को वैश्विक स्तर पर बदनाम करने की साजिश रचने वाले तत्वों के बहकावे में बिल्कुल न आएं। वित्तीय अनियमितताओं और चढ़ावे से जुड़े विवाद पर तकनीकी स्पष्टीकरण देते हुए उन्होंने कहा, “अगर किसी भी व्यक्ति या संगठन के पास इस मामले से जुड़े कोई भी प्रामाणिक दस्तावेज या डॉक्यूमेंट्री प्रूफ (वृत्तचित्र साक्ष्य) मौजूद हैं, तो वे उन्हें तुरंत विशेष जांच दल के सामने प्रस्तुत करें।” सीएम ने भरोसा दिलाया कि एसआईटी की टीम इन सभी साक्ष्यों की गहनता से पड़ताल करेगी और दूध का दूध व पानी का पानी कर देगी।
’15 दिन और इंतजार करें राम भक्त’
प्रभु श्री राम के आदर्शों और मर्यादा का स्मरण कराते हुए मुख्यमंत्री ने सभी राम भक्तों और सनातन धर्मावलंबियों से धैर्य बनाए रखने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जिस समाज ने अपनी अस्मिता और मंदिर के लिए 500 वर्षों तक अनवरत और अनुशासित संघर्ष किया है, उसे अब विचलित होने की आवश्यकता नहीं है। सीएम ने कहा, “आप लोग केवल 15 दिन और इंतजार कर लीजिए, सत्य सबके सामने होगा।” इसके साथ ही उन्होंने राजनेताओं को चेताया कि जांच प्रक्रिया के दौरान की जाने वाली अनावश्यक बयानबाजी और सोशल मीडिया पर किसी का चरित्र हनन करने की कोशिशें जांच को प्रभावित करती हैं, जिससे सभी को बचना चाहिए। उन्होंने साफ किया कि अपराधी चाहे कितना भी रसूखदार क्यों न हो, योगी सरकार में वह बच नहीं पाएगा।
कारसेवकों पर गोलीबारी के इतिहास का जिक्र
विपक्ष, विशेषकर समाजवादी पार्टी (सपा) पर तीखा हमला बोलते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनके राजनीतिक स्टैंड को ‘दोगला चरित्र’ करार दिया। उन्होंने कहा कि जो लोग आज राम भक्तों के कथित अपमान की दुहाई देकर घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं, उनका अतीत पूरा देश जानता है। सीएम ने याद दिलाया कि इसी अयोध्या की धरती पर ‘जय श्री राम’ का उद्घोष करने वाले निहत्थे कारसेवकों पर लाठियां और गोलियां बरसाने का काम किसके शासनकाल में हुआ था। उन्होंने तंज कसा कि जिन्हें अपने कार्यकाल में सिर्फ ‘कब्रिस्तान की बाउंड्री’ बनाने से फुर्सत नहीं थी, वे आज राम मंदिर की पवित्रता पर उपदेश देने चले हैं।
नई अयोध्या के विकास मॉडल से चिढ़ने वाले तत्वों को सीएम का करारा जवाब
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण के अंत में कांग्रेस पार्टी के ऐतिहासिक स्टैंड को भी कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि जो कांग्रेस कभी राम मंदिर के निर्माण को रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट में एड़ी-चोटी का जोर लगा रही थी और जिसने लिखित हलफनामा देकर प्रभु राम के अस्तित्व को ही काल्पनिक बता दिया था, वह आज अचानक राम भक्तों की हितैषी बनने का ढोंग कर रही है। सीएम ने गर्व से कहा कि आज की ‘नव्य और भव्य अयोध्या’ का जो विकास हो रहा है, माता शबरी के नाम पर जो भोजनालय चल रहे हैं और वीरांगना झलकारी बाई की जो प्रतिमाएं स्थापित हो रही हैं, वह इन विकास-विरोधी ताकतों को पच नहीं रहा है। इसीलिए ये तत्व विकास की गति को धीमा करने के लिए अयोध्या की छवि को धूमिल करने का कुत्सित प्रयास कर रहे हैं।

