PM Modi Breakfast Meeting: संसद के मानसून सत्र के दौरान लगातार जारी हंगामे के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के नए सांसदों के साथ अपने आधिकारिक आवास पर नाश्ते के दौरान अहम बैठक की। इस बैठक में प्रधानमंत्री ने सांसदों से संसदीय बहसों में सक्रिय भागीदारी निभाने और लोकतांत्रिक परंपराओं को मजबूत करने का आह्वान किया। सूत्रों के मुताबिक, इस अनौपचारिक संवाद का उद्देश्य नए सांसदों का मनोबल बढ़ाना और उन्हें संसदीय कार्यप्रणाली के प्रति अधिक जागरूक बनाना था।
संसद में हंगामा और संसदीय कार्यवाही
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने संसद को लोकतंत्र का सर्वोच्च मंदिर बताते हुए हालिया व्यवधानों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि लगातार हो रहे हंगामे के कारण नए सांसदों को सदन में अपनी बात रखने और जनता के मुद्दे उठाने का अवसर नहीं मिल पा रहा है। प्रधानमंत्री ने इसे नए जनप्रतिनिधियों के साथ अन्याय बताते हुए कहा कि संसदीय कार्यवाही सुचारू रूप से चलना लोकतंत्र के हित में बेहद जरूरी है।
PM Modi का विकास मंत्र
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सांसदों को संसद के समृद्ध इतिहास का अध्ययन करने और सदन में उपलब्ध ऐतिहासिक दस्तावेजों एवं बहसों का उपयोग अपनी तैयारी के लिए करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि प्रभावी संसदीय बहस के लिए अध्ययन और तैयारी बेहद आवश्यक है। साथ ही उन्होंने सांसदों से अपने-अपने राज्यों और निर्वाचन क्षेत्रों के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आग्रह किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि जब राज्यों का विकास होगा, तभी देश तेज़ी से आगे बढ़ेगा।
NDA सांसदों को संदेश
ब्रेकफास्ट बैठक में लगभग 45 सांसद शामिल हुए। इनमें शिवसेना, नेशनल सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) के सांसद भी मौजूद थे। प्रधानमंत्री ने बैठक में शामिल सभी सांसदों को भरोसा दिलाया कि NDA केवल राजनीतिक गठबंधन नहीं, बल्कि एक परिवार है। उन्होंने कहा कि गठबंधन के हर सहयोगी दल और प्रत्येक सांसद को समान सम्मान और अवसर मिलेगा।
PM Modi का आश्वासन
प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में विभिन्न दलों से NDA में शामिल हुए सांसदों को भी आश्वस्त किया कि उन्हें किसी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि वह किसी एक दल के नहीं, बल्कि NDA के प्रत्येक सांसद के साथ समान रूप से खड़े हैं। प्रधानमंत्री ने दोहराया कि गठबंधन की मजबूती आपसी विश्वास, सम्मान और सामूहिक जिम्मेदारी से ही बनी रहती है।
विकास कार्यों पर फोकस
प्रधानमंत्री ने सांसदों से कहा कि वे अपने निर्वाचन क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देने के लिए अपनी जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन करें। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि किसी विकास परियोजना में कोई बाधा आती है तो सांसद सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से संपर्क कर सकते हैं। साथ ही उन्होंने गरीबों, किसानों, मजदूरों और समाज के हर वर्ग के लोगों से नियमित संवाद बनाए रखने तथा उनकी समस्याओं को समझकर समाधान की दिशा में काम करने का भी आग्रह किया। बैठक के अंत में प्रधानमंत्री ने प्रत्येक सांसद से व्यक्तिगत रूप से बातचीत कर उनका हालचाल भी जाना।
सांसदों से संवाद अभियान
यह बैठक प्रधानमंत्री मोदी द्वारा एक दिन पहले भारतीय जनता पार्टी के सांसदों के साथ आयोजित डिनर बैठक के बाद हुई। इसे मानसून सत्र के दौरान सांसदों से लगातार संवाद बनाए रखने की उनकी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। सरकार का उद्देश्य सांसदों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करना, शासन से जुड़े विषयों पर विचार साझा करना और संसदीय कार्यों को अधिक प्रभावी बनाना है।
PM Modi की सलाह
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने अपने राजनीतिक अनुभव भी साझा किए और सांसदों को कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि सांसदों को दिल्ली की राजनीतिक चर्चाओं और नैरेटिव के जाल में फंसने से बचना चाहिए। साथ ही विपक्षी दलों के सांसदों के साथ भी सौहार्दपूर्ण और सकारात्मक संबंध बनाए रखने की सलाह दी। प्रधानमंत्री का कहना था कि लोकतंत्र में स्वस्थ संवाद, सहयोग और जनहित सर्वोपरि होना चाहिए, क्योंकि यही संसदीय व्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत है

