लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार सुबह अपने सरकारी आवास पर ‘जनता दर्शन’ कार्यक्रम का आयोजन किया। इस दौरान प्रदेश के अलग-अलग जनपदों से आए सैकड़ों पीड़ितों और आम नागरिकों ने अपनी शिकायतें मुख्यमंत्री के समक्ष रखीं। सीएम योगी ने संवेदनशीलता दिखाते हुए एक-एक फरियादी से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की, उनके प्रार्थना पत्र प्राप्त किए और उनकी समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना। मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद आला अधिकारियों को सभी शिकायतों का पारदर्शी, उचित और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने की सख्त हिदायत दी।
अवैध कब्जे की शिकायत पर मुख्यमंत्री का कड़ा रुख
जनता अदालत के दौरान जमीन पर अवैध कब्जे और सरकारी संपत्तियों पर अतिक्रमण के कई मामले सामने आए, जिस पर मुख्यमंत्री ने बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि प्रदेश में भू-माफियाओं और अवैध कब्जा करने वालों को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सीएम योगी ने प्रशासन को निर्देश दिया कि जमीन से जुड़े मामलों की तत्काल जांच की जाए और शासकीय अथवा निजी भूमि पर जबरन कब्जा करने वाले दोषियों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
मथुरा से आए बुजुर्ग को मिला मुख्यमंत्री का आश्वासन
इस जनसुनवाई कार्यक्रम में कान्हा की नगरी मथुरा से आए एक वृद्ध ने अपनी व्यथा मुख्यमंत्री को सुनाई। बुजुर्ग पीड़ित ने बताया कि स्थानीय दबंगों द्वारा गांव के चकरोड पर अवैध कब्जा (Encroachment) कर लिया गया है, जिसकी शिकायत स्थानीय तहसील और थाने में करने के बाद भी अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई। इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए सीएम योगी ने मथुरा के जिलाधिकारी (DM) को निर्देशित किया कि वे खुद घटनास्थल का मुआयना करें। उन्होंने कहा कि यदि चकरोड पर अवैध कब्जा पाया जाता है, तो उसे तत्काल ढहाया जाए और लापरवाही बरतने वाले स्थानीय अधिकारियों पर भी गाज गिराई जाए।
भू-माफियाओं के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति
मुख्यमंत्री ने एक बार फिर दोहराया कि अवैध निर्माण और सरकारी जमीनों पर कब्जा करने की प्रवृत्ति को उत्तर प्रदेश में पूरी तरह खत्म किया जाएगा। उन्होंने पुलिस प्रशासन, नगर निगम, विकास प्राधिकरण (Development Authorities) और राजस्व विभाग समेत सभी जिम्मेदार संस्थाओं को नियमित रूप से अपने-अपने क्षेत्रों की मॉनिटरिंग (गश्त और निरीक्षण) करने के आदेश दिए। सीएम ने साफ किया कि अगर किसी भी क्षेत्र में दोबारा अतिक्रमण की शिकायत मिली, तो संबंधित क्षेत्र के जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
जनहित की योजनाओं पर सरकार का फोकस
सोमवार को आयोजित इस जनसुनवाई में न केवल जमीनी विवाद, बल्कि बेसिक शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता, जर्जर बिजली के तार और पुलिसिया उत्पीड़न से जुड़े कई प्रार्थना पत्र भी आए। पीड़ितों को ढांढस बंधाते हुए मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार उत्तर प्रदेश के 25 करोड़ नागरिकों की मूलभूत आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इलाज के लिए धन की कमी के कारण किसी का उपचार नहीं रुकना चाहिए, ऐसे इस्टीमेट्स को तुरंत शासन को भेजा जाए।
भीषण गर्मी और लू को लेकर सीएम योगी की चिंता
उत्तर प्रदेश में जारी रिकॉर्डतोड़ गर्मी और लू (Heat Wave) के प्रकोप को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता दर्शन में आए लोगों के स्वास्थ्य और सेहत का हालचाल भी जाना। उन्होंने विशेष रूप से बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों से संवाद करते हुए कहा कि वर्तमान में धूप और तपिश बहुत अधिक है, इसलिए बहुत आवश्यक होने पर ही दोपहर के समय घरों से बाहर निकलें। मुख्यमंत्री ने आम जनमानस से अपील की कि वे इस मौसम में भरपूर पानी पिएं और अपने खान-पान को पूरी तरह संयमित रखें ताकि मौसमी बीमारियों से बचा जा सके।

