Ram Mandir Donation Scam: अयोध्या के भव्य राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के संवेदनशील मामले को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया। रामनगरी पहुंचे मुख्यमंत्री ने साफ तौर पर कहा कि रामभक्तों को निराश होने की जरूरत नहीं है, लोग सिर्फ 15 दिनों का धैर्य और रखें। इस प्रकरण में जो भी दोषी पाया जाएगा, चाहे वह कितना भी रसूखदार क्यों न हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा।
गौरतलब है कि 7 जून को दानपात्र से चढ़ावा चोरी होने की बात सामने आई थी, जिसके बाद ट्रस्ट की सिफारिश पर 13 जून को विशेष जांच दल (एसआइटी) का गठन किया गया था। जांच कमेटी बनने के बाद सीएम का यह पहला अयोध्या दौरा है, जहां उन्होंने निष्पक्ष कानूनी कार्रवाई का भरोसा दिया।
विपक्ष पर तीखा हमला और मर्यादित रहने की अपील
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मुद्दे पर राजनीति कर रहे विपक्षी दलों, विशेषकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस को आड़े हाथों लिया। उन्होंने विरोधियों को आईना दिखाते हुए कहा कि जो लोग कभी प्रभु श्रीराम के अस्तित्व पर सवाल उठाते थे और रामभक्तों पर लाठियां-गोलियां चलवाते थे, वे आज इस चोरी की घटना पर उपदेश दे रहे हैं। सीएम ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि जब तक एसआइटी की अंतिम रिपोर्ट सामने नहीं आ जाती, तब तक नेताओं को ऐसी बयानबाजी से बचना चाहिए जिससे सनातन धर्मियों और रामभक्तों की आस्था को ठेस पहुंचे। उन्होंने जनता से अपील की कि यदि किसी के पास इस मामले से जुड़े पुख्ता दस्तावेजी सबूत (Documentary Proof) हों, तो वे सीधे जांच एजेंसी को सौंप दें।
अखिलेश यादव पर तंज और मनोज पांडेय प्रकरण का जिक्र
सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर सीधा निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग आज अयोध्या को बदनाम करने का कुत्सित प्रयास कर रहे हैं, उन्होंने खुद आज तक रामलला के दर्शन नहीं किए हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने अपनी पार्टी के विधायकों को भी रामनगरी आने से बलपूर्वक रोका। सीएम ने पूर्व सपा विधायक और वर्तमान सरकार के मंत्री मनोज पांडेय का उदाहरण देते हुए कहा कि जब उन्होंने सदन में सभी विधायकों को अयोध्या ले जाने का प्रस्ताव रखा, तो सपा प्रमुख भड़क गए। भगवान राम का नाम लेने और श्रद्धा प्रकट करने के कारण मनोज पांडेय को अपमानित कर पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।
विकास परियोजनाओं की सौगात और चंपत राय की दूरी
अपने इस दौरे के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हमेशा की तरह हनुमानगढ़ी में बजरंगबली के दरबार में हाजिरी लगाई और रामलला के दर्शन-पूजन किए। इसके बाद उन्होंने मणिरामदास जी की छावनी में महंत नृत्यगोपालदास के जन्मोत्सव का उद्घाटन किया। सीएम ने अयोध्या के लिए कई बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया, जिसमें रामायण के पात्रों पर आधारित एक विशेष ‘वैक्स म्यूजियम’ (मोम का संग्रहालय) और वीरांगना झलकारी बाई की प्रतिमा का अनावरण शामिल है।
इस पूरे कार्यक्रम के दौरान सबसे ज्यादा ध्यान खींचने वाली बात रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय की अनुपस्थिति रही। जिलाधिकारी के प्रोटोकॉल के बावजूद वे सीएम के स्वागत में नहीं दिखे, बल्कि उनकी जगह निर्मोही अखाड़े के महंत दिनेंद्रदास ने मुख्यमंत्री की अगवानी की। सियासी गलियारों में माना जा रहा है कि चढ़ावा चोरी की जांच के दायरे को देखते हुए ही ट्रस्ट महासचिव को इस सरकारी कार्यक्रम से दूर रखा गया है।

