Weather Update Today: देश के कई हिस्सों में इस समय भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप का सितम लगातार जारी है, हालांकि अब मौसम विभाग ने राहत के संकेत दे दिए हैं। फिलहाल पूर्वी उत्तर प्रदेश, दिल्ली और हरियाणा के कई इलाके गंभीर लू (Heatwave) की चपेट में बने हुए हैं, जहां अधिकतम तापमान 40 से 42 डिग्री सेल्सियस के ऊंचे स्तर पर रहने का अनुमान है। राजधानी दिल्ली में बीते दिनों सफदरजंग मौसम केंद्र पर पारा 41.8 डिग्री और कुछ अन्य क्षेत्रों में 42.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 5 डिग्री अधिक है। इसके साथ ही न्यूनतम तापमान भी 28 से 31 डिग्री के आसपास रहने के कारण लोगों को रात के समय भी इस झुलसाने वाली गर्मी से कोई खास राहत नहीं मिल पा रही है।
मानसून की रफ्तार तेज
शुरुआती सुस्ती के बाद अब दक्षिण-पश्चिम मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, मानसूनी हवाएं अब तेजी से आगे बढ़ रही हैं और बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश तथा छत्तीसगढ़ के एक बड़े हिस्से को अपनी आगोश में ले चुकी हैं। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले दो दिनों के भीतर परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हो जाएंगी, जिससे मानसून उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और मध्य प्रदेश के बचे हुए इलाकों में दस्तक देगा। इसके तुरंत बाद मानसूनी सिस्टम जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, लद्दाख, दक्षिण-पूर्वी राजस्थान और गुजरात के विभिन्न क्षेत्रों की ओर रुख करेगा, जिससे उत्तर भारत के बड़े हिस्से में बारिश की गतिविधियां सक्रिय हो जाएंगी।
आंधी और गरज-चमक का पूर्वानुमान
मौसम विभाग के सात दिनों के पूर्वानुमान के मुताबिक, दिल्ली और आसपास के इलाकों में कल से गरज-चमक (थंडरस्टॉर्म) के साथ मौसम बदलने की उम्मीद है। अगले तीन दिनों के दौरान राजधानी में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी तेज हवाएं चल सकती हैं, जो कुछ समय के लिए 60 किमी/घंटा की गति भी छू सकती हैं। आगामी 2 जुलाई के आसपास एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय हो रहा है, जिसके प्रभाव से उत्तर और पश्चिम भारत में झमाझम बारिश होने के आसार हैं। इस मौसमी बदलाव के कारण 30 जून और 1 जुलाई को बारिश होने से पारा गिरकर 36 से 38 डिग्री तक आ सकता है, जबकि 2 जुलाई को हल्की से मध्यम वर्षा के बाद तापमान 34 से 36 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क जाएगा। इसके बाद 3 से 5 जुलाई तक रुक-रुक कर बौछारें पड़ने से मौसम सुहावना बना रहेगा।
दिल्ली में मानसून का आगमन
दिल्ली-एनसीआर के निवासियों को मानसून की फुहारों के लिए अभी थोड़ा और इंतजार करना पड़ सकता है, क्योंकि मौसम विभाग ने अभी तक दिल्ली में मानसून के प्रवेश की कोई निश्चित और तय तारीख घोषित नहीं की है। हालांकि, अगले पांच दिनों में मानसून से जुड़ी गतिविधियां निश्चित रूप से तेज होने वाली हैं। वर्तमान में होने वाली प्री-मानसून बारिश का मुख्य कारण पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसमी बदलावों को माना जा रहा है। आने वाले दो-तीन दिनों तक दिल्लीवालों को अत्यधिक उमस, भीषण गर्मी और तेज आंधी का सामना करना पड़ेगा, लेकिन सप्ताह के अंत तक मानसूनी हवाओं के अनुकूल होने से मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
उमस और ‘फील्स लाइक’ तापमान का असर
इन दिनों वास्तविक तापमान से ज्यादा गर्मी महसूस होने की बड़ी वजह हवा में मौजूद नमी का उच्च स्तर है, जिसे वैज्ञानिक भाषा में ‘फील्स लाइक’ (Feels Like) तापमान कहा जाता है। अत्यधिक आर्द्रता के कारण शरीर का पसीना जल्दी नहीं सूखता, जिससे उमस और बेचैनी बढ़ जाती है। आंकड़ों के अनुसार, जून के महीने में पूरे देश में सामान्य से करीब 40% कम वर्षा दर्ज की गई है। हालांकि, मौसम विभाग का अनुमान है कि पूरे सीजन में लगभग 90% बारिश होगी। फिलहाल, देश के कई हिस्सों में भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है, जिसके तहत सिक्किम, गोवा और महाराष्ट्र के लिए ‘रेड अलर्ट’ (Red Alert) घोषित किया गया है, जबकि असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में मूसलाधार बारिश की आशंका को देखते हुए ‘ऑरेंज अलर्ट’ (Orange Alert) जारी किया गया है।

