अयोध्या। राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावा चोरी और वित्तीय गबन के मामले में जांच एजेंसियों ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस की एक विशेष टीम जांच के सिलसिले में भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) पहुंची, जहां वित्तीय दस्तावेजों और बैंक रिकॉर्ड्स को खंगाला जा रहा है। वहीं दूसरी ओर, भ्रष्टाचार निवारण अदालत (एंटी करप्शन कोर्ट) ने मामले के सभी आठ आरोपियों की न्यायिक हिरासत को और 14 दिनों के लिए बढ़ा दिया है।
बैंक रिकॉर्ड की पड़ताल और एसबीआई शाखा में पुलिस की दस्तक
मामले की गहराई से पड़ताल कर रही पुलिस टीम सोमवार को भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की शाखा पहुंची। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, जांच टीम गिरफ्तार किए गए सभी आठ आरोपियों के बैंक खातों की बारीकी से स्क्रूटनी कर रही है। पुलिस यह सुनिश्चित करना चाहती है कि चढ़ावे की राशि के कथित तौर पर जमा और निकासी (वित्तीय लेनदेन) की प्रक्रिया में किस स्तर पर और क्या अनियमितताएं बरती गईं। खातों की स्टेटमेंट और ट्रांजैक्शन हिस्ट्री के जरिए पैसों के प्रवाह (मनी ट्रेल) को ट्रैक किया जा रहा है।
वित्तीय लेनदेन में बैंकिंग मिलीभगत और लापरवाही की आशंका
जांच एजेंसियां इस पूरे प्रकरण में बैंक कर्मचारियों की भूमिका को भी संदेह के दायरे में रखकर देख रही हैं। पुलिस इस बात का पता लगाने में जुटी है कि क्या इस गबन को अंजाम देने में किसी स्तर पर बैंकिंग नियमों की अनदेखी हुई या फिर बैंक के किसी स्टाफ की मिलीभगत थी। हालांकि, पुलिस और जांच टीम ने अभी तक किसी भी बैंक कर्मी पर आधिकारिक तौर पर कोई आरोप तय नहीं किया है। फिलहाल, बैंक खातों से जुड़े केवाईसी दस्तावेज, ट्रांजैक्शन स्लिप और अन्य वित्तीय गतिविधियों की कड़ाई से कड़ियों को जोड़ा जा रहा है।
एंटी करप्शन कोर्ट में वर्चुअल पेशी और न्यायिक अभिरक्षा का विस्तार
राम मंदिर दान चोरी मामले में गिरफ्तार किए गए सभी आठों आरोपियों की पूर्व में तय की गई न्यायिक हिरासत आज यानी सोमवार (29 जून) को समाप्त हो रही थी। इसके मद्देनजर सभी आरोपियों को एंटी करप्शन कोर्ट में वर्चुअल मोड (वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग) के जरिए पेश किया गया। अदालत ने मामले की गंभीरता और जांच के मौजूदा चरण को देखते हुए सभी आरोपियों की ज्युडिशल कस्टडी को अगले 14 दिनों के लिए और बढ़ा दिया है।
पुलिस कस्टडी रिमांड की अनुपस्थिति और जेल में रहने का आदेश
सोमवार को हुई इस अहम सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष या पुलिस की तरफ से आरोपियों को दोबारा अपने कब्जे में लेकर पूछताछ करने (पुलिस कस्टडी रिमांड) की कोई मांग नहीं की गई। पुलिस द्वारा रिमांड न मांगे जाने के बाद, अदालत के आदेशानुसार सभी आठों आरोपी फिलहाल जेल में ही बंद रहेंगे। इसका सीधा मतलब यह है कि आगामी दिनों में आरोपियों से जेल के बाहर ले जाकर पूछताछ नहीं की जाएगी, बल्कि वे न्यायिक अभिरक्षा के तहत जेल परिसर में ही रहेंगे।
आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी और गिरफ्तार व्यक्तियों की सूची
इस हाई-प्रोफाइल चोरी मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अब तक कुल आठ लोगों को सलाखों के पीछे भेजा है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लव कुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे, राम शंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और रमाशंकर उर्फ टिन्नू यादव के रूप में हुई है। साक्ष्य जुटाने के अभियान के तहत रविवार को पुलिस की विभिन्न टीमों ने एक साथ इन सभी आठों आरोपियों के पैतृक और वर्तमान आवासों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की, जहां से मामले से जुड़े अहम सुराग मिलने की उम्मीद है।

