बिहार की मुख्य विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने बुधवार को अपना 30वां स्थापना दिवस बेहद उत्साह के साथ मनाया. दल ने अपने गौरवशाली इतिहास के 29 साल सफलतापूर्वक पूरे कर लिए हैं और अब वह अपनी राजनीतिक यात्रा के 30वें वर्ष में कदम रख चुका है. इस ऐतिहासिक अवसर पर बिहार की राजधानी पटना में स्थित प्रदेश मुख्यालय में एक भव्य और विशाल कार्यक्रम का आयोजन किया गया. राष्ट्रीय जनता दल के सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह की औपचारिक शुरुआत की. उन्होंने वहां उपस्थित भारी संख्या में कार्यकर्ताओं और नेताओं को संबोधित करते हुए आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट रहने का कड़ा संदेश दिया.
लालू यादव का मूल संदेश
अपने संबोधन के दौरान राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने संगठन की मजबूती पर सबसे ज्यादा जोर दिया. उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि पार्टी की असली ताकत उसके निष्ठावान और कर्मठ कार्यकर्ता हैं, जिनके दम पर दल आज इस मुकाम तक पहुंचा है. लालू यादव ने मंच से सभी वरिष्ठ नेताओं, पदाधिकारियों और समर्थकों से अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय होकर संगठन को और ज्यादा शक्तिशाली और धारदार बनाएं, ताकि आगामी राजनीतिक चुनौतियों का डटकर मुकाबला किया जा सके.
संघर्ष का शंखनाद
स्थापना दिवस समारोह के मंच से लालू यादव का सबसे बड़ा संदेश अनवरत संघर्ष को लेकर था. उन्होंने हुंकार भरते हुए कहा, “हम हमेशा शोषितों के हक के लिए लड़े हैं और आगे भी मजबूती से लड़ते रहेंगे.” उन्होंने दोहराया कि राष्ट्रीय जनता दल की स्थापना ही समाज के गरीब, वंचित, दलित और पिछड़े लोगों की आवाज बुलंद करने के लिए हुई थी, और सामाजिक न्याय की यह लड़ाई भविष्य में भी इसी आक्रामकता के साथ जारी रहेगी. उन्होंने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि वे पूरी ताकत के साथ जनता के बीच जाएं और दल की नीतियों को बूथ स्तर तक पहुंचाएं.
पारंपरिक स्वागत और उपहार
इस विशेष स्थापना दिवस कार्यक्रम के दौरान पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने अपने सर्वोच्च नेता लालू यादव का बेहद पारंपरिक और आदरपूर्ण अंदाज में स्वागत किया. अभिनंदन के प्रतीक स्वरूप नेताओं ने लालू यादव को पार्टी के राष्ट्रीय चुनाव चिह्न ‘लालटेन’ की एक बेहद खूबसूरत प्रतिकृति (मॉडल) भेंट की. इसके बाद पूरे परिसर में मौजूद कार्यकर्ताओं ने गगनभेदी नारों के साथ अपने नेता का स्वागत किया और उन्हें पुष्पगुच्छ देकर उनका आशीर्वाद लिया.
दुल्हन की तरह सजा पटना कार्यालय
आरजेडी के इस ऐतिहासिक 30वें स्थापना दिवस को लेकर पटना स्थित केंद्रीय कार्यालय को किसी दुल्हन की तरह आकर्षक ढंग से सजाया गया था. पूरे परिसर में रंग-बिरंगी आधुनिक लाइटें, विशाल होर्डिंग्स, बड़े-बड़े बैनर और पार्टी के हरे रंग के झंडे लहरा रहे थे. पटना में पड़ रही भीषण गर्मी और उमस को देखते हुए संगठन ने कार्यकर्ताओं की सहूलियत के लिए कार्यालय में 11 नए एयर कंडीशनर (AC) और 15 बड़े कूलर लगवाए थे. कार्यालय के बाहर ढोल-नगाड़ों की थाप पर कार्यकर्ता थिरक रहे थे. पार्टी ने घोषणा की है कि मुख्य समारोह के बाद आगामी 5 जुलाई को बिहार के सभी जिलों में जिला स्तरीय स्थापना दिवस कार्यक्रमों का बड़े पैमाने पर आयोजन किया जाएगा.
भरत एनकाउंटर पर गरमाई बिहार की सियासत
स्थापना दिवस समारोह के रंगारंग माहौल के बीच बिहार का हालिया चर्चित ‘भरत एनकाउंटर’ का मुद्दा भी जोर-शोर से गूंजा. पार्टी दफ्तर पहुंचे प्रसिद्ध लोक कलाकार छोटू छलिया ने इस मुठभेड़ पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की. उन्होंने आरोप लगाया कि यदि भरत ने कानून के सामने आत्मसमर्पण (सरेंडर) कर दिया था, तो उसे पुलिस द्वारा गोली नहीं मारी जानी चाहिए थी. उन्होंने वर्तमान सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि बिहार में समाज को जाति के आधार पर बांटने की गहरी राजनीतिक साजिश रची जा रही है. इस दौरान उन्होंने अपना प्रसिद्ध लोकगीत “नाही चाली तोहरो तानाशाहीया, जागल बा बिहरिया…” गाकर सत्ता पक्ष पर करारा तंज कसा.

