You are currently viewing Teejan Bai Passes Away: तीजन बाई के निधन पर पीएम मोदी, राजनाथ सिंह और CM विष्णु देव साय ने जताया गहरा शोक

Teejan Bai Passes Away: तीजन बाई के निधन पर पीएम मोदी, राजनाथ सिंह और CM विष्णु देव साय ने जताया गहरा शोक

Teejan Bai Passes Away: प्रसिद्ध पंडवानी गायिका और लोक कला की वैश्विक प्रतीक पद्म विभूषण तीजन बाई के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा शोक व्यक्त किया है। रविवार सुबह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पहले ट्विटर) पर अपनी संवेदनाएं साझा करते हुए पीएम मोदी ने लिखा, “सुप्रसिद्ध पंडवानी गायिका तीजन बाई के निधन से अत्यंत दुख हुआ है। उन्होंने छत्तीसगढ़ की इस लोक कला को अपनी भव्य प्रस्तुति से दुनियाभर में एक विशिष्ट पहचान दिलाई। उनका जाना कला और संस्कृति जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। शोक की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिजनों और प्रशंसकों के साथ हैं। ओम शांति।”

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दी श्रद्धांजलि

देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी तीजन बाई के निधन पर गहरा दुख प्रकट किया है। कला क्षेत्र में उनके अद्वितीय योगदान को याद करते हुए रक्षा मंत्री ने अपने संदेश में लिखा, “लोक कलाओं के क्षेत्र में अपनी गायकी से अमिट छाप छोड़ने वाली लोकप्रिय पंडवानी गायिका तीजन बाई के निधन से मुझे गहरी वेदना की अनुभूति हुई है। छत्तीसगढ़ की कला को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति दिलाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उनका जाना कला और संगीत जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। इस कठिन समय में मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और प्रशंसकों के साथ हैं।”

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का बड़ा ऐलान

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने तीजन बाई को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके अंतिम संस्कार को लेकर बड़ा प्रशासनिक निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा, “मशहूर पंडवानी गायिका तीजन बाई अब हमारे बीच नहीं रहीं। वे छत्तीसगढ़ का गौरव और वास्तविक सम्मान थीं, जिन्हें भारत सरकार ने पद्म श्री और पद्म विभूषण जैसे सर्वोच्च सम्मानों से नवाजा था। हम उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि देते हैं और ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें।” सीएम ने स्पष्ट किया कि लोक कला के प्रति उनके अविस्मरणीय योगदान को देखते हुए उनका अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान (State Honours) के साथ किया जाएगा।

रायपुर एम्स में ली अंतिम सांस

बता दें कि अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त लोकगायिका तीजन बाई पिछले कुछ समय से गंभीर रूप से बीमार चल रही थीं। उन्होंने 70 वर्ष की उम्र में रायपुर स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में इलाज के दौरान अंतिम सांस ली। तीजन बाई का जन्म साल 1956 में छत्तीसगढ़ के भिलाई के समीप स्थित गनियारी गाँव में हुआ था। उन्होंने छत्तीसगढ़ की पारंपरिक नाट्य विधा और लोककला पंडवानी को एक बिल्कुल नया मुकाम दिया। पंडवानी एक ऐसी अनूठी कला परंपरा है, जिसमें तंबूरे की तान के साथ महाभारत के प्रसंगों और वीर गाथाओं को ओजस्वी गायन व जीवंत अभिनय के माध्यम से रंगमंच पर जीवंत किया जाता है।

पद्म पुरस्कारों से सजाय सफर

भारतीय संस्कृति और लोक कला के क्षेत्र में उनके अप्रतिम और ऐतिहासिक योगदान को देखते हुए भारत सरकार ने उन्हें समय-समय पर देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों से विभूषित किया था। उनकी सम्मान सूची इस प्रकार है:

  • पद्मश्री पुरस्कार (1988): कला क्षेत्र में शुरुआती योगदान के लिए मिला पहला बड़ा नागरिक सम्मान।
  • संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार: लोक संगीत और अभिनय में विशिष्ट प्रदर्शन के लिए प्रदान किया गया।
  • पद्म भूषण सम्मान (2003): पंडवानी को राष्ट्रीय फलक पर स्थापित करने के लिए दिया गया।
  • पद्म विभूषण (2019): देश के दूसरे सबसे बड़े सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाजा गया।
Spread the love

Leave a Reply