ब्रसेल्स में NATO के ऑपरेशनल मुख्यालय से जुड़ा एक बड़ा सुरक्षा मामला सामने आया है। बेल्जियम के अधिकारियों ने NATO के ऑपरेशनल हेडक्वार्टर में इंटर्न के रूप में कार्यरत एक कनाडाई महिला को जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया है। बेल्जियम के फेडरल प्रॉसिक्यूटर कार्यालय के अनुसार, NATO की सुरक्षा एजेंसी से मिली सूचना के बाद बेल्जियम की सैन्य खुफिया एजेंसी ने जांच शुरू की। जांच के दौरान शुक्रवार को चीनी मूल की कनाडाई नागरिक को हिरासत में लिया गया। गिरफ्तारी से एक दिन पहले उसके आवास और NATO के कमांड सेंटर स्थित कार्यस्थल पर तलाशी अभियान भी चलाया गया।
NATO जासूसी जांच: तीसरे देश के लिए जासूसी और आपराधिक संगठन से संबंध का शक
प्रॉसिक्यूटर कार्यालय ने बताया कि महिला पर किसी तीसरे देश के लिए जासूसी करने और एक आपराधिक संगठन का सदस्य होने का संदेह है। हालांकि अधिकारियों ने अभी तक उस तीसरे देश का नाम सार्वजनिक नहीं किया है। मामले की जांच जारी है और सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या संवेदनशील सैन्य जानकारी किसी विदेशी नेटवर्क तक पहुंचाई गई थी।
SHAPE मुख्यालय और NATO साइबर सुरक्षा केंद्र की भूमिका
NATO का एलाइड पावर्स स्ट्रैटेजिक हेडक्वार्टर (SHAPE) बेल्जियम के मॉन्स शहर में फ्रांस की सीमा के निकट स्थित है। यही वह स्थान है जहां गठबंधन के सैन्य अधिकारी संयुक्त रणनीति तैयार करते हैं, सैन्य अभियानों की योजना बनाते हैं और विभिन्न मिशनों की कमान संभालते हैं। NATO का अत्याधुनिक साइबर सुरक्षा केंद्र भी SHAPE परिसर में ही मौजूद है। वहीं, संगठन का राजनीतिक मुख्यालय ब्रसेल्स में है, जहां सदस्य देशों के प्रतिनिधि रक्षा खर्च, ड्रोन सुरक्षा और साइबर खतरों जैसे अहम मुद्दों पर विचार-विमर्श करते हैं।
NATO सुरक्षा व्यवस्था पर असर नहीं, ऑपरेशनल गतिविधियां सामान्य
SHAPE के प्रवक्ता कर्नल मार्टिन एल ओ’डोनेल ने स्पष्ट किया कि फिलहाल इस जासूसी मामले का NATO की ऑपरेशनल क्षमता, कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम या चल रहे सैन्य अभियानों पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ा है। उन्होंने कहा कि संगठन अपनी सभी जिम्मेदारियों का निर्वहन पहले की तरह सामान्य रूप से कर रहा है। अधिकारियों के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था की अतिरिक्त समीक्षा भी की जा रही है।
रूस, चीन और वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों के बीच बढ़ी NATO की चिंता
कनाडा और बेल्जियम दोनों NATO के 32 सदस्य देशों में शामिल हैं। वर्ष 2021 में NATO ने अपनी रणनीतिक सुरक्षा नीति में रूस और मध्य पूर्व से मिलने वाले खतरों के साथ-साथ चीन को भी वैश्विक सुरक्षा के लिए चुनौती बताया था। ऐसे समय में संगठन के भीतर जासूसी का यह मामला सुरक्षा एजेंसियों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि संवेदनशील सैन्य प्रतिष्ठानों में सुरक्षा प्रोटोकॉल को और मजबूत करने की आवश्यकता होगी।
डोनाल्ड ट्रंप और NATO विवाद के बीच सामने आया जासूसी मामला
यह गिरफ्तारी ऐसे समय हुई है जब NATO पहले से ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आलोचनाओं का सामना कर रहा है। ट्रंप लगातार यूरोपीय सहयोगी देशों पर रक्षा बजट बढ़ाने का दबाव बना रहे हैं और अमेरिका की सुरक्षा भूमिका को सीमित करने की बात कह चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने ईरान से जुड़े तनाव और ग्रीनलैंड को लेकर दिए गए अपने बयानों से भी NATO सदस्य देशों के बीच नई चिंताएं पैदा कर दी थीं। ऐसे माहौल में NATO मुख्यालय से जुड़ा यह कथित जासूसी मामला संगठन की सुरक्षा व्यवस्था और खुफिया तंत्र पर नए सवाल खड़े कर रहा है।

