Parliament Protest: संसद के मानसून सत्र के दौरान अयोध्या राम मंदिर से जुड़े कथित चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर विपक्षी दलों ने संसद परिसर में सांकेतिक प्रदर्शन किया। विपक्षी सांसदों ने नाटक के माध्यम से अपना विरोध दर्ज कराते हुए सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने की कोशिश की। इस प्रदर्शन ने संसद परिसर में मौजूद सांसदों और मीडिया का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। विपक्ष का कहना था कि यह प्रदर्शन जवाबदेही और पारदर्शिता की मांग को लेकर आयोजित किया गया।
राहुल गांधी और पप्पू यादव की मौजूदगी से चर्चा में आया विरोध प्रदर्शन
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी सहित कई विपक्षी सांसद मौजूद रहे। पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव साधु के वेश में नजर आए, जिससे यह विरोध प्रदर्शन और अधिक चर्चा का विषय बन गया। विपक्षी नेताओं ने सांकेतिक रूप से एक दान पेटी भी रखी, जिसमें राहुल गांधी को चढ़ावा डालते हुए दिखाया गया। इस प्रस्तुति का उद्देश्य कथित चढ़ावा विवाद को प्रतीकात्मक तरीके से सामने लाना था।
सांकेतिक नाटक में दान पेटी और ‘चोर-चोर’ के नारों से सरकार पर निशाना
नाटक के दौरान पप्पू यादव साधु के वेश में दान पेटी लेकर भागते हुए दिखाई दिए। इसके बाद अन्य विपक्षी सांसदों ने उन्हें रोकने और ‘चोर-चोर’ के नारे लगाने का अभिनय किया। विपक्ष का कहना था कि यह केवल एक सांकेतिक प्रस्तुति थी, जिसके माध्यम से सरकार से विभिन्न मुद्दों पर जवाब मांगा गया। प्रदर्शन के दौरान सांसदों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की और कई समसामयिक मुद्दों को इस विरोध से जोड़ा।
चढ़ावा विवाद और अन्य मुद्दों पर सरकार से जवाब की मांग
विपक्षी सांसदों ने प्रदर्शन के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लेकर भी नारे लगाए। सांसदों ने ‘अमित शाह सदन में आओ, जवाब दो’, ‘चढ़ावा चोरी नहीं चलेगी’ और ‘पेपर चोरी नहीं चलेगी’ जैसे नारे लगाए। विपक्ष का कहना था कि सरकार को संसद के भीतर इन मुद्दों पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए। प्रदर्शन में हाल के राजनीतिक और सार्वजनिक महत्व के विषयों को भी शामिल किया गया, जिससे विरोध का दायरा और व्यापक दिखाई दिया।
लोकसभा अध्यक्ष ने संसद की गरिमा बनाए रखने की दी सलाह
इस घटनाक्रम पर लोकसभा अध्यक्ष ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि संसद और उसके परिसर की गरिमा बनाए रखना सभी सांसदों की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने सदस्यों से अपील की कि वे संसद परिसर में वेश बदलकर आने या ऐसे किसी प्रदर्शन से बचें, जिससे संसदीय मर्यादा प्रभावित हो। उन्होंने संसदीय परंपराओं और अनुशासन के पालन पर भी जोर दिया।
हंगामे के बीच लोकसभा की कार्यवाही स्थगित, विपक्ष ने प्रदर्शन को बताया लोकतांत्रिक अधिकार
विरोध प्रदर्शन और हंगामे के बीच लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। हालांकि विपक्ष ने अपने प्रदर्शन का बचाव करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण और सांकेतिक विरोध दर्ज कराना उसका अधिकार है। विपक्षी दलों ने स्पष्ट किया कि वे विभिन्न जनहित और राजनीतिक मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगने का सिलसिला आगे भी जारी रखेंगे।
मानसून सत्र में बढ़ा राजनीतिक टकराव, विपक्ष और सरकार आमने-सामने
मानसून सत्र के दौरान संसद में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है। राम मंदिर चढ़ावा विवाद, पेपर लीक, छात्र आंदोलन और अन्य राजनीतिक मुद्दों को लेकर विपक्ष सरकार पर हमलावर है, जबकि सरकार अपने पक्ष को मजबूती से रख रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में संसद के भीतर राजनीतिक बहस और विरोध प्रदर्शन और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।

