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UP News: मायावती का बड़ा फैसला, अशोक सिद्धार्थ और राघवेंद्र सिंह बेनीवाल बसपा से निष्कासित, वापसी के सभी रास्ते बंद

UP News: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती ने संगठन में अनुशासन बनाए रखने के उद्देश्य से बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने पूर्व राज्यसभा सांसद अशोक सिद्धार्थ और पार्टी नेता राघवेंद्र सिंह बेनीवाल को तत्काल प्रभाव से पार्टी से निष्कासित कर दिया है। मायावती ने स्पष्ट किया कि दोनों नेताओं की अब भविष्य में किसी भी परिस्थिति में बसपा में वापसी नहीं होगी।

मायावती का बड़ा एक्शन

बसपा सुप्रीमो मायावती ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में जानकारी दी कि पूर्व राज्यसभा सांसद अशोक सिद्धार्थ और पार्टी नेता राघवेंद्र सिंह बेनीवाल को पार्टी से बाहर कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं के खिलाफ लंबे समय से अनुशासनहीनता और पार्टी के दिशा-निर्देशों की अनदेखी से जुड़ी शिकायतें मिल रही थीं। कई अवसर दिए जाने के बावजूद उनके व्यवहार और कार्यशैली में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ, जिसके बाद यह सख्त निर्णय लिया गया।

अशोक सिद्धार्थ पर अनुशासनहीनता के आरोप

मायावती ने अपने बयान में बताया कि अशोक सिद्धार्थ को पहले महाराष्ट्र में संगठन की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, लेकिन वहां तालमेल की कमी और अनुशासनहीनता की शिकायतों के चलते उन्हें पद से हटा दिया गया। इसके बाद पार्टी ने उन्हें एक और अवसर देते हुए उत्तर प्रदेश के बजाय अन्य राज्यों में संगठन को मजबूत करने की जिम्मेदारी दी। हालांकि, वहां भी उनका प्रदर्शन अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतर सका।

बसपा निष्कासन कार्रवाई

बसपा प्रमुख के अनुसार, अशोक सिद्धार्थ जब कर्नाटक, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के कोऑर्डिनेटर रहे, तब भी उनके खिलाफ लगातार शिकायतें आती रहीं। पार्टी नेतृत्व ने कई बार उन्हें चेतावनी देकर सुधार का मौका दिया, लेकिन स्थिति में बदलाव नहीं आया। इसके बाद पहले उन्हें सभी संगठनात्मक जिम्मेदारियों से मुक्त किया गया और अब तत्काल प्रभाव से पार्टी से निष्कासित करने का फैसला लिया गया।

मायावती ने अफवाहों को बताया भ्रामक

मायावती ने यह भी स्पष्ट किया कि अशोक सिद्धार्थ के उत्तर प्रदेश की राजनीति या बसपा संगठन में दोबारा सक्रिय होने संबंधी खबरें पूरी तरह भ्रामक हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की चर्चाओं का उद्देश्य आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी कार्यकर्ताओं में भ्रम की स्थिति पैदा करना और संगठन को कमजोर करना है। उन्होंने दो टूक कहा कि अशोक सिद्धार्थ की भविष्य में किसी भी परिस्थिति में बसपा में वापसी नहीं होगी।

राघवेंद्र सिंह बेनीवाल पर भी बसपा की बड़ी कार्रवाई

बसपा सुप्रीमो ने राघवेंद्र सिंह बेनीवाल के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बेनीवाल को पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में संगठन की जिम्मेदारी दी गई थी। इस दौरान उनके खिलाफ भी अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधियों से जुड़ी शिकायतें लगातार सामने आती रहीं। इन्हीं आरोपों के आधार पर उन्हें सभी जिम्मेदारियों से हटाकर पार्टी से निष्कासित कर दिया गया।

रामजी गौतम को फिर मिली पंजाब की जिम्मेदारी

मायावती ने अपने बयान में बताया कि राज्यसभा सांसद रामजी गौतम को एक बार फिर पंजाब का प्रभारी नियुक्त किया गया है। वह अन्य राज्यों के साथ पंजाब में भी आगामी विधानसभा चुनाव तक संगठन को मजबूत करने की जिम्मेदारी संभालेंगे। पार्टी नेतृत्व को उम्मीद है कि उनके अनुभव से संगठनात्मक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।

बसपा की नई संगठनात्मक नीति

मायावती ने कहा कि पार्टी की वर्तमान नीति के अनुसार उत्तर प्रदेश के जो वरिष्ठ पदाधिकारी अन्य राज्यों में संगठनात्मक जिम्मेदारी निभा रहे हैं, उन्हें उत्तर प्रदेश में कोई नई जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे अफवाहों और भ्रामक प्रचार से बचें तथा विरोधी दलों द्वारा फैलाए जा रहे किसी भी दुष्प्रचार का हिस्सा न बनें। उनके अनुसार, अनुशासन और संगठनात्मक एकजुटता ही आगामी चुनावों में बसपा की सबसे बड़ी ताकत होगी।

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