Bankipur By Election: बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव से पहले पटना पुलिस की कार्रवाई को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए और पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) पर चुनाव को प्रभावित करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि जिन लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया, वे अपने घरों में मौजूद थे और किसी भी प्रकार से कानून का उल्लंघन नहीं कर रहे थे।
बांकीपुर उपचुनाव और पुलिस कार्रवाई पर प्रशांत किशोर ने उठाए सवाल
प्रशांत किशोर ने कहा कि बांकीपुर उपचुनाव से पहले पटना पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लेकर दावा किया कि वे चुनावी माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे थे और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 163 का उल्लंघन कर रहे थे। हालांकि, उन्होंने पुलिस के इस दावे को पूरी तरह गलत बताते हुए कहा कि जिन लोगों को उठाया गया, वे अपने-अपने घरों में सो रहे थे। उनका सवाल था कि यदि कोई व्यक्ति अपने घर के भीतर मौजूद है तो वह धारा 163 का उल्लंघन कैसे कर सकता है।
बांकीपुर उपचुनाव में स्थानीय लोगों को बाहरी बताकर डिटेन करने का आरोप
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जन सुराज प्रमुख ने कहा कि पटना एसएसपी कार्यालय की ओर से जारी पत्र में दावा किया गया कि चुनाव के दौरान बाहर से आए लोगों ने कानून का उल्लंघन किया, इसलिए उन्हें हिरासत में लिया गया। प्रशांत किशोर ने इस दावे को चुनौती देते हुए कहा कि हिरासत में लिए गए 50 से अधिक लोगों में अधिकांश पटना के स्थानीय निवासी हैं। उनके अनुसार पुलिस ने देर रात उनके घरों में जाकर कार्रवाई की, जबकि वे अपने घरों में मौजूद थे और किसी प्रकार की अवैध गतिविधि में शामिल नहीं थे।
पुलिस कार्रवाई और धारा 163 के इस्तेमाल पर जन सुराज प्रमुख का सवाल
प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया कि पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 163 का हवाला देकर कार्रवाई की, जबकि वास्तविक स्थिति इससे अलग थी। उन्होंने कहा कि पुलिस ने रात करीब दो से तीन बजे के बीच लोगों के घरों में दबिश देकर उन्हें हिरासत में लिया। उनका दावा था कि संबंधित वार्डों में पुलिस खुले तौर पर लोगों को धमका रही थी और मतदाताओं को मतदान करने से रोकने की कोशिश की जा रही थी। उन्होंने इसे चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने वाला कदम बताया।
पटना SSP पर प्रशांत किशोर का हमला, चुनाव प्रभावित करने का लगाया आरोप
जन सुराज प्रमुख ने पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पर सीधे निशाना साधते हुए उन्हें “अनप्रोफेशनल” करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन निष्पक्ष तरीके से काम करने के बजाय चुनाव को प्रभावित करने का प्रयास कर रहा है। प्रशांत किशोर ने यह भी कहा कि यही अधिकारी पहले चर्चित नीट छात्रा मौत मामले में भी विवादों में रहे थे। उनके अनुसार प्रशासनिक मशीनरी का उपयोग निष्पक्ष चुनाव कराने के बजाय राजनीतिक माहौल को प्रभावित करने के लिए किया जा रहा है।
बांकीपुर उपचुनाव विवाद पर चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट जाने की चेतावनी
प्रशांत किशोर ने कहा कि वह इस पूरे मामले की शिकायत अगले दो दिनों में चुनाव आयोग से करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि आवश्यक हुआ तो वह सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने से भी पीछे नहीं हटेंगे। उनका कहना था कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया की निष्पक्षता बनाए रखना बेहद जरूरी है और यदि किसी प्रशासनिक अधिकारी को राजनीति करनी है तो उसे सरकारी सेवा छोड़कर सार्वजनिक जीवन में आना चाहिए। उन्होंने मांग की कि चुनावी प्रक्रिया के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच कराई जाए ताकि मतदाताओं का लोकतांत्रिक व्यवस्था पर विश्वास बना रहे।

