Parliament Protest: सांसद पप्पू यादव केस, प्रयागराज कोर्ट और संसद परिसर प्रदर्शन को लेकर नया कानूनी घटनाक्रम सामने आया है। भाजपा नेता की शिकायत पर अदालत के आदेश के बाद पप्पू यादव के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। अदालत ने उन्हें निर्धारित तिथि पर पेश होने का निर्देश भी दिया है।
सांसद पप्पू यादव केस में प्रयागराज कोर्ट का बड़ा आदेश
सांसद पप्पू यादव केस में प्रयागराज से अहम कानूनी कार्रवाई सामने आई है। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) कोर्ट ने भाजपा नेता की शिकायत पर सुनवाई करते हुए राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में आपराधिक मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है।
अदालत के आदेश के बाद मामला दर्ज कर लिया गया है। साथ ही कोर्ट ने सांसद पप्पू यादव को 11 अगस्त 2026 को अदालत में उपस्थित होने का निर्देश दिया है। यह मामला संसद परिसर में किए गए उनके विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है।
BNS की धाराओं के तहत दर्ज हुआ मामला
BNS मुकदमा के तहत सांसद पप्पू यादव के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 338, 196, 298, 299 और 356 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है।
अदालत के आदेश के अनुसार अब मामले की अगली सुनवाई निर्धारित तिथि पर होगी। कानूनी प्रक्रिया के तहत संबंधित पक्षों को अदालत में अपना पक्ष रखने का अवसर मिलेगा।
संसद परिसर प्रदर्शन को लेकर शिकायत
संसद परिसर प्रदर्शन को लेकर शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सांसद पप्पू यादव ने साधु-संतों की वेशभूषा धारण कर कथित राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर प्रदर्शन किया था।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि इस प्रदर्शन के दौरान साधु-संतों के स्वरूप का उपयोग कर धार्मिक भावनाओं को आहत किया गया। शिकायत में यह भी कहा गया कि संसद भवन के सामने किए गए प्रदर्शन के जरिए धार्मिक प्रतीकों का अनुचित उपयोग किया गया। इन आरोपों की न्यायिक प्रक्रिया के तहत जांच और सुनवाई की जाएगी।
भाजपा नेता सुशील कुमार मिश्रा की शिकायत पर हुई कार्रवाई
भाजपा नेता सुशील कुमार मिश्रा शिकायत के आधार पर यह मामला अदालत पहुंचा। अधिवक्ता और भाजपा विधि विभाग के प्रदेश सह-संयोजक सुशील कुमार मिश्रा ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि पप्पू यादव ने संसद परिसर में किए गए प्रदर्शन के दौरान साधु-संतों और पुजारियों की छवि को गलत तरीके से प्रस्तुत किया।
शिकायत में यह भी कहा गया कि राम मंदिर चढ़ावे से जुड़े कथित चोरी के मामले को प्रदर्शन के माध्यम से अलग रूप में प्रस्तुत किया गया, जिससे धार्मिक भावनाएं प्रभावित हुईं। शिकायतकर्ता ने अदालत से इस मामले में कानूनी कार्रवाई की मांग की थी।
शिकायत में धार्मिक भावनाएं आहत करने और धोखाधड़ी जैसे आरोपों का उल्लेख
पप्पू यादव पर आरोप से जुड़ी शिकायत में कहा गया है कि प्रदर्शन के दौरान कथित रूप से धार्मिक प्रतीकों और पुजारी के स्वरूप का उपयोग कर लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का प्रयास किया गया।
शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि इस प्रकार का प्रदर्शन समाज में वैमनस्य फैलाने वाला था और संबंधित धाराओं के तहत इसे दंडनीय अपराध माना जाना चाहिए। हालांकि, ये आरोप शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए हैं और इनकी सत्यता का अंतिम निर्णय न्यायालय की सुनवाई और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगा।
अब अदालत की सुनवाई पर टिकी नजरें
प्रयागराज कोर्ट में पप्पू यादव मामला दर्ज होने के बाद अब आगे की कानूनी प्रक्रिया पर सभी की नजरें टिकी हैं। अदालत ने सांसद को निर्धारित तिथि पर पेश होने का निर्देश दिया है, जिसके बाद मामले में आगे की सुनवाई होगी।
फिलहाल यह मामला न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है। अदालत में दोनों पक्षों को अपना पक्ष रखने का अवसर मिलेगा और आगे की कार्रवाई न्यायालय के आदेशों के अनुसार तय होगी।

